
TMC Crisis: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी बगावत अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के कई सांसदों की भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं से मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच बंगाल भाजपा मंत्री शरदवत मुखर्जी के बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया। उन्होंनें टीएमसी पर हमला बोलते हुए उसे एक सर्कस बताया है। मुखर्जी ने साफ कहा है कि भाजपा ने TMC के बागी सांसदों को पार्टी में शामिल होने का कोई न्योता नहीं दिया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 सांसद अलग गुट बनाने की तैयारी में बताए जा रहे हैं।
टीएमसी के बागी सांसदों के केंद्रीय मंत्री और भाजपा पश्चिम बंगाल पर्यवेक्षक भूपेन्द्र यादव से मुलाकात के सवाल पर मुखर्जी ने कहा, चाय पानी के लिए बुलाया था, क्या करें बेचारे लोगों को तो खाना खाने के लिए भी जगह नहीं है। मुखर्जी ने आगे कहा कि, उन लोगों को वहां से ममता बनर्जी भगा दी और वह संसद में बैठने के लिए कुर्सी खोज रहे है। भुपेन्द्र यादव कम से कम कुर्सी दिए, चाय दिए, पानी दिए, सामाजिक काम किए, बढिया काम किए। भाजपा के टीएमसी के बागी सांसदों का पार्टी में स्वागत करने के सवाल पर मुर्खजी ने कहा कि बीजेपी ने उन लोगों का स्वागत नहीं किया है। वह अलग से पार्टी बना रहे है उन्हें बनाने दिजिए। मुखर्जी ने आगे कहा कि टीएमसी के कितने भाग होंगे वह देखते रहो, यह पहला भाग है, इसके बाद दूसरा भाग फिर तीसरा भाग, यह पार्टी सर्कस है।
भाजपा नेता का यह बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी फिलहाल टीएमसी के बागी सांसदों को औपचारिक रूप से शामिल करने के मूड में नहीं है। वहीं दूसरी तरफ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बागी सांसदों पर निशाना साधा। इस दौरान AITC के लोकसभा चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी और सांसद कीर्ति आजाद ने बागी नेताओं पर जमकर हमला बोला। कल्याण बनर्जी ने कहा कि जिन नेताओं ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की, उनका नेता अब नरेंद्र मोदी हैं और वे भाजपा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे पार्टी छोड़ना चाहते हैं तो खुलकर छोड़ दें, लेकिन अपने नाम के साथ TMC सांसद लिखना बंद करें। तृणमूल नेता ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के बाद हिंसा प्रभावित कार्यकर्ताओं और मृतकों के परिवारों के साथ ये नेता खड़े नहीं हुए।
सूत्रों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 बागी सांसद अलग ब्लॉक बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं और वे केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार को समर्थन दे सकते हैं। बारासात सांसद काकोली घोष दस्तीदार इस गुट की संभावित नेता मानी जा रही हैं। कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि काकोली घोष भाजपा की मदद से TMC नेताओं को निशाना बना रही हैं। इस बीच तृणमूल नेता सब्यसाची दत्ता की गिरफ्तारी ने भी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पश्चिम बंगाल में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।