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रात तीन से सुबह आठ बजे तक अभिषेक बनर्जी के घर क्या-क्या हुआ- सागरिका घोष ने बताया

TMC Crisis: कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के घर शनिवार तड़के पुलिस सर्च ऑपरेशन चलाया। TMC सांसद सागरिका घोष ने ईडी की इस कार्रवाई को दबाव बनाने की कोशिश बताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने यह भी दावा किया कि घंटों चली तलाशी के बाद भी एजेंसियों को कुछ नहीं मिला।
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Jun 13, 2026
ED Raids at Abhishek Banerjee residence
अभिषेक बनर्जी के आवास पर ED की छापेमारी (फोटो- आईएएनएस)

breaking: TMC Crisis: ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सासंद अभीषेक बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। शनिवार सुबह अभिषेक के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर CID की रेड पड़ी है। इस दौरान CID अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल अभिषेक के घर पहुंचा। कई देर कोशिश करने के बाद भी जब अंदर से दरवाजा नहीं खुला तो जांच टीम ने दरवाजा तोड़ कर छानबीन शुरू की। तड़के शुरू हुई यह कार्रवाई सुबह तक चली और अब इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि रात तीन बजे से सुबह आठ बजे तक अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली गई लेकिन जांचकर्ताओं को कुछ नहीं मिला। साथ ही सागरिका ने यह भी कहा कि यह सभी कार्रवाई टीएमसी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है।

छापेमारी में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली - सागरिका

सागरिका घोष ने इस छापेमारी के दौरान क्या-क्या हुआ उसे लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने लिखा कि शनिवार तड़के करीब तीन बजे पुलिस की टीम अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित घर पहुंची। इसके बाद सुबह पांच बजे डिजास्टर मैनेजमेंट टीम को बुलाया गया ताकि बंद कमरों के ताले तोडे जा सकें। करीब साढे छह बजे सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, जो लगभग 90 मिनट तक चला। जांच टीम ने दूसरी मंजिल से लेकर छत तक तलाशी ली। हालांकि, सर्च के बाद जब जब्ती रिपोर्ट तैयार हुई तो उसमें NIL दर्ज किया गया। यानी जांच एजेंसियों को किसी तरह का सबूत, दस्तावेज या आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है।

विपक्षी नेताओं पर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश- सागरिका

तलाशी अभियान के दौरान इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था देखी गई। शालबनी पुलिस स्टेशन की टीम के साथ कोलकाता पुलिस के जवान भी मौजूद रहे। इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भी अभिषेक बनर्जी के घर पहुंचीं। पार्टी नेताओं ने इस कार्रवाई को विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश बताया। सागरिका घोष ने कहा कि जो नेता बीजेपी के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे ऑपरेशन लोटस का हिस्सा बताते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं पर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

टीएमसी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज

बता दें कि यह पूरा मामला अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय से जुडा है। आरोप है कि रॉय ने कुछ लोगों से पार्टी टिकट दिलाने के नाम पर पैसे लिए थे। पुलिस इसी मामले में उनकी तलाश कर रही है। हालांकि अभिषेक बनर्जी या उनके कार्यालय की तरफ से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को अपराध जांच विभाग (CID) ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए पेश होने का नोटिस भी दिया था। यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित भडकाऊ बयान से जुडा बताया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को टीएमसी विधायक मदन मित्रा से जुडे कई ठिकानों पर भी छापेमारी की। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कथित नगर निकाय भर्ती घोटाले से जुडी जांच का हिस्सा है।

Updated on:
13 Jun 2026 12:47 pm
Published on:
13 Jun 2026 11:11 am