
पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी के करीबी और सीनियर टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय भी अब बागी हो गए हैं। आज दिल्ली में उन्होंने अन्य टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय के साथ केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की।
इस मुलाकात के बाद से टीएमसी में खलबली मची हुई है। कई लोग इसे बगावत का सबूत मान रहे हैं। वहीं, सुदीप के जाने से टीएमसी के वरिष्ठ नेता कल्यान बनर्जी को बड़ा धक्का लगा है।
इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कल्यान बनर्जी ने कहा- अब तक कई लोग जा चुके हैं, सुदीप भी चले गए। इसमें बड़ी बात क्या है? कुछ नहीं। लेकिन जब ये लोग चुनाव लड़ेंगे तो जनता इन्हें अच्छा सबक सिखाएगी।
उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि सरकार गलतियां करे तो विपक्ष को उसकी आलोचना करनी चाहिए। कल्यान बनर्जी ने आगे कहा कि चुनाव के बाद एक गठबंधन सरकार बनाता है तो दूसरा विपक्ष में रहता है। विपक्ष का काम देश की आवाज बनना और सरकार की गलतियों को उजागर करना है।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र में नरेंद्र मोदी और अमित शाह तथा बंगाल में शुभेंदु अधिकारी व उनके साथी विपक्ष की ताकत कम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मकसद टीएमसी जैसी विपक्षी ताकतों का दायरा घटाना है।
टीएमसी के अंदर चल रही अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ रही है। सुदीप बंद्योपाध्याय जैसे अनुभवी सांसद और अभिनेत्री से नेता बनी शताब्दी रॉय का यह कदम कई सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, बंगाल बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव के यहां हुई यह मुलाकात ऐसे वक्त हुई है जब टीएमसी के कई सांसद पार्टी लाइन से अलग होकर एनडीए का साथ देने की बात कर रहे हैं।
पार्टी के अंदर से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 20 सांसद अब अलग गुट बनाने की तैयारी में हैं। काकोली घोष दस्तिदार जैसे नेता लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिखकर एनडीए के समर्थन की बात कर चुकी हैं।
ये नेता पार्टी का नाम बचाए रखना चाहते हैं लेकिन अंदर से बीजेपी का साथ दे रहे हैं। इससे बचने के लिए एंटी डिफेक्शन कानून का भी हवाला दिया जा रहा है।
शताब्दी रॉय ने इस मुलाकात के बाद कहा कि समय सब बताएगा। उन्होंने कल्यान बनर्जी को 'महान व्यक्तित्व' बताते हुए तंज भी कसा। हालांकि, सुदीप बंद्योपाध्याय ने अपनी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं की है, लेकिन उनकी मुलाकात को बड़ा संकेत माना जा रहा है।