राष्ट्रीय

CM विजय ने दिल्ली जाने से पहले PM मोदी को​ लिखा पत्र, प्रोजेक्ट को लेकर जताई आपत्ति

Tamil Nadu CM Vijay: कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु जलाशय परियोजना पर आपत्ति जताते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है।
2 min read
May 26, 2026
Tamil Nadu CM Vijay
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय (Photo-IANS)

CM Vijay Letter To PM Modi: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय बुधवार को दिल्ली दौरे पर जाने वाले हैं। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद विजय का पहला राष्ट्रीय राजधानी दौरा होगा। दिल्ली दौरे के दौरान सीएम विजय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हो सकती है। इसके अलावा विजय की कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी मुलाकात होने की संभावना है।

इसी बीच खबर आ रही है कि सीएम विजय ने पीएम मोदी से कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु जलाशय परियोजना को आगे बढ़ाने से रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण (सीडब्ल्यूडीटी) के फैसले का उल्लंघन करता है।

पीएम मोदी को पत्र लिखकर जताई गहरी चिंता

प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में मुख्यमंत्री विजय ने मेकेदातु परियोजना के लिए कर्नाटक द्वारा भूमि पूजन की घोषणा पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से तमिलनाडु के उन किसानों में व्यापक चिंता पैदा हो गई है जो कृषि और आजीविका के लिए कावेरी नदी के जल पर निर्भर हैं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसला का किया जिक्र

तमिलनाडु सरकार ने तर्क दिया कि मेकेदातु परियोजना को सीडब्ल्यूडीटी के अंतिम निर्णय के तहत कभी भी मंजूरी नहीं दी गई थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 16 फरवरी, 2018 के अपने ऐतिहासिक फैसले में बरकरार रखा था। पत्र में इस बात पर जोर दिया गया कि कावेरी बेसिन को पहले से ही जल-कमी वाले बेसिन के रूप में वर्गीकृत किया गया है और उपलब्ध जल को तटवर्ती राज्यों के बीच पूरी तरह से आवंटित किया जा चुका है।

सीएम विजय ने दिया ये तर्क

विजय ने अपने पत्र में कहा, आप शायद इस बात से भलीभांति परिचित हैं कि कावेरी जल विवाद का समाधान लगभग तीन दशकों तक चले लंबे कानूनी संघर्ष के बाद प्राप्त हुआ था और 16 फरवरी, 2018 का निर्णय कार्यान्वयन के अधीन है। मेकेदातु परियोजना न्यायाधिकरण द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं की सूची में नहीं है, जिसकी पुष्टि उपरोक्त निर्णय द्वारा की गई है।

अतिरिक्त उपयोग या एक नया विशाल भंडारण जलाशय बनाने की कोई गुंजाइश नहीं है, क्योंकि कावेरी बेसिन एक कमी वाला बेसिन पाया गया है और 50 प्रतिशत निर्भरता पर उपलब्ध जल पहले ही संबंधित राज्यों को आवंटित किया जा चुका है।

इसलिए, कावेरी या उसकी सहायक नदियों पर किसी भी नई परियोजना की योजना बनाना, उन परियोजनाओं के अलावा जिन्हें न्यायाधिकरण ने अपने अंतिम निर्णय में विशेष रूप से अनुमति दी है और जिसकी पुष्टि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में की है, उक्त निर्णय में हस्तक्षेप करने के समान होगा।

मुख्यमंत्री के अनुसार, तमिलनाडु सीमा के पास 67.16 टीएमसी की भंडारण क्षमता वाला एक विशाल जलाशय बनाने का कर्नाटक का प्रस्ताव, पानी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा डाल सकता है, जिसे तमिलनाडु न्यायाधिकरण के फैसले और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के तहत प्राप्त करने का हकदार है।

Updated on:
26 May 2026 06:43 pm
Published on:
26 May 2026 06:43 pm