
Rebel TMC MPs To Support NDA: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ऐतिहासिक हार के बाद पार्टी के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। विधायकों की बगावत के बाद अब यह आग दिल्ली तक पहुंच गई है। तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 लोकसभा और राज्यसभा सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने की तैयारी में हैं। ममता बनर्जी के लिए इसे अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
टीएमसी के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर एनडीए में शामिल होने की इच्छा जताई है। पीटीआई के अनुसार, Kakoli Dastidar ने कहा कि उनके सहित 20 सांसदों ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है।
काकोली दस्तीदार का कहना है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों को स्वीकार कर लिया है और मानते हैं कि उनका राजनीतिक भविष्य एनडीए के साथ अधिक सुरक्षित है। आपको बता दें कि इससे पहले पार्टी में टूट की अटकलों के बीच सुखेंदु रॉय और काकोली दस्तीदार के नेतृत्व में टीएमसी के 16 सांसदों ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी से मुलाकात की थी।
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 80 में से 58 से अधिक विधायकों ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुन लिया है। राज्य इकाई में हुए इस पहले आधिकारिक विभाजन का सीधा असर अब संसद में टीएमसी के कुनबे पर दिख रहा है।
सूत्रों का दावा है कि लोकसभा में टीएमसी के 28 और राज्यसभा में 13 सांसदों में से एक बड़ा धड़ा ममता बनर्जी के 'भतीजा राज' और पार्टी के तानाशाही रवैये से बुरी तरह असंतुष्ट है। ये सांसद दलबदल कानून के प्रावधानों से बचने के लिए एक साथ सामूहिक रूप से अलग गुट बनाकर एनडीए को अपना समर्थन सौंप सकते हैं।
सोमवार को राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर ने पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया है। टीएमसी छोड़ने के बाद सुखेंदु शेखर ने पूर्व सीएम ममता बनर्जी की पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि टीएमसी नेताओं के दिमाग पर सत्ता का नशा सवार था। उन्हें लगता था कि कोई भी उन्हें छू नहीं सकता।