दिल्ली में उन्नाव रेप मामले के दोषी को जमानत मिलने के विरोध में पीड़िता और उसके परिवार द्वारा प्रदर्शन किए जाने पर पुलिस द्वारा उनके साथ बदतमीजी की गई। दूसरी तरह दोषी कुलदीप सेंगर के लिए जंतर-मंतर पर विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इसे लेकर देश की न्याय व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
2019 का उन्नाव रेप मामला इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में छाया हुआ है। मामले के दोषी भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। सेंगर को जमानत मिलने के विरोध में पीड़िता, उसकी मां और सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना दिल्ली में इंडिया गेट के पास धरना प्रदर्शन करने पहुंची थी। यहां पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें जबरदस्ती घसीटते हुए वहां से हटा दिया। पुलिस के इस व्यवहार की काफी आलोचना हुई और बड़ी संख्या में लोग पीड़िता और उसके परिवार के समर्थन में आए। सामाजिक संगठनों और अन्य लोगों ने मिलकर सेंगर को जमानत मिलने के खिलाफ प्रदर्शन किया जिसके बाद आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द कर दी।
इसी बीच एक दूसरा प्रदर्शन सेंगर के परिवार की तरफ से शुरू किया गया। सेंगर की बेटी और सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट ऐश्वर्या सिंह अपने पिता को निर्दोष बताते हुए उनके पक्ष में बयान देने लगी। ऐश्वर्या ने कई बार मीडिया बातचीत के दौरान अपने पिता को बेकसूर बताया और उनको जमानत दिए जाने की मांग भी की। कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर ऐश्वर्या ने जन आंदोलन के जरिए सेंगर के लिए आवाज उठाने का फैसला लिया। ऐश्वर्या ने एक हफ्ते पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लोगों से दिल्ली पहुंचने की अपील की। ऐश्वर्या ने संदेश जारी करते हुए अपने पिता के समर्थकों को 11 जनवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंच कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही।
ऐश्वर्या की अपील पर भारी संख्या में रविवार को लोग दिल्ली पहुंचे और जंतर-मंतर के बाहर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने 'कुलदीप सेंगर को न्याय दो' और 'न्याय करो, न्याय करो, आरोप लगाने वालों की गिरफ्तारी करो' जैसे नारे लगाकर सेंगर की रिहाई की मांग की। सेंगर के समर्थकों ने आरोप लगाया कि उसे राजनीतिक मतभेदों के चलते फंसाया गया है और उसे निष्पक्ष न्याय नहीं मिला। लोगों ने मामले की दुबारा जांच किए जाने की मांग भी उठाई। धरने में क्षत्रिय करणी सेना के पोस्टर भी देखे गए। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और दिल्ली पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।
सेंगर जिसे देश की न्याय व्यवस्था के तहत दोषी साबित किया गया है, उसके समर्थन में इस तरह देश की राजधानी में धरना किया जाना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जहां पीड़िता और उसके परिवार को प्रशासन द्वारा प्रताड़ित किया गया वहीं दोषी के समर्थन में हजारों लोगों का प्रदर्शन करना वाकई चौंकाने वाला है। भले ही सेंगर के समर्थन में प्रदर्शन करने से पहले सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई हो लेकिन इजाजत के साथ भी एक रेप जैसे घिनौंने अपराध के दोषी की रिहाई की मांग करना देश की न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।