
Unnao Rape Victim Protest: उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया के बाद मंत्री पर बहुत बड़ा सवालिया निशान लग गया है। लोगों द्वारा राजभर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि उनमें अब संवेदनाएं नहीं बची हैं। राजभर ने मीडिया से बात करते हुए उन्नाव रेप पीड़िता पर विवादित प्रतिक्रिया दी है। राजभर से पीड़िता को जबरन प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने पर सवाल पूछा गया था। इसके बाद उन्होंने जवाब देते हुए प्रतिक्रिया दी और हंसते हुए कहा कि उसका घर तो उन्नाव में है। इस प्रतिक्रिया के बाद राजभर विवादों में घिर गए हैं और उन पर मामले की गंभीरता को कम करने के आरोप लगे।
बता दें कि उन्नाव रेप पीड़िता अपने परिजनों के साथ इंडिया गेट के पास एक लॉन में न्याय मांगने के लिए प्रदर्शन कर रही थी। इसके बाद पीड़िता को वहां से जबरन हटा दिया गया।
हाल ही में अदालत ने उन्नाव रेप के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को निलंबित कर दिया है। इसके बाद पीड़िता ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद पीड़िता को जबरन प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया। इस मामले पर मीडिया से बात करते हुए मंत्री राजभर ने हंसते हुए प्रतिक्रिया दी। मीडिया ने राजभर से पीड़िता को प्रदर्शन स्थल से हटाने पर सवाल किया था। इस पर राजभर ने हंसते हुए कहा, "लेकिन उसका घर तो उन्नाव में है।"
उन्नाव रेप मामले में BJP के पूर्व विधायक को आजीवन कारावास की सजा मिली थी, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने अपहरण और बलात्कार मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास सजा को निलंबित कर दिया है। साथ ही निचली अदालत द्वारा 2019 में दी गई सजा के खिलाफ उनकी अपील के परिणाम आने तक उन्हें जमानत दे दी है।
हालांकि अदालत ने जमानत कुछ शर्तों के आधार पर दी है। इसमें कुछ शर्तें हैं: पहली, यह कि दोषी को पीड़िता के घर से पांच किलोमीटर दूर रहना होगा; दूसरी, यह कि दोषी पीड़िता और उसके परिवार पर दबाव नहीं डाल सकता। अगर दोषी इन शर्तों का उल्लंघन करता पाया गया तो जमानत स्वत: ही रद्द हो जाएगी।
प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद पीड़िता ने कहा कि “मैं उसी समय आत्महत्या करना चाहती थी, लेकिन अपने परिवार के बारे में सोचकर मैंने खुद को रोक लिया।” पीड़िता ने कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को अपने परिवार के लिए “काल” बताया। साथ ही पीड़िता ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी।
बता दें कि उन्नाव पीड़िता अपराध के समय नाबालिक थी।