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Uttarakhand Assembly Election 2022: हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग के भेजा नोटिस, कोरोना के चलते चुनाव टालने की मांग

Uttarakhand Assembly Election 2022 उत्तराखंड विधानसभा चुनाव टल सकते हैं। दरअसल इसको लेकर हाईकोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग को एक नोटिस भेजा है। इस नोटिस में चुनाव को टालने या नहीं कराने की मांग की है। नोटिस में कोरोना के बढ़ते खतरे को बड़ी वजह बताया गया है

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Dec 29, 2021

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus ) एक बार फिर अपने पैर पसार रहा है। बीते कुछ दिनों में देश के कई राज्यों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। यही नहीं इसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा भी बढ़ रहा है। ऐसे में पहाड़ी राज्य उत्तराखंड से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल यहां अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव ( Uttarakhand Assembly Election 2022 ) से पहले हाई कोर्ट ( High Court ) ने बड़ा कदम उठाया है। उच्च न्यायालय की ओर से बुधवार को भारत के चुनाव आयोग (ECI) को राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों को स्थगित करने की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया गया है।

उत्तराखंड में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव टल सकते हैं। दरअसल चुनाव को स्थगित करने को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट की ओर से भारत निर्वाचन आयोग को एक नोटिस भेजा गया है। इस याचिका में कोविड के ओमिक्रॉन वेरिएंट को देखते हुए चुनावों को स्थगित करने की मांग की गई है।

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3 जनवरी को होगी अगली सुनवाई

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति नारायण सिंह धनिक की खंडपीठ ने केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार की ओर से पेश वकील को याचिका पर निर्देश प्राप्त करने का निर्देश दिया। यही नहीं इस मामले में अब अगली सुनवाई तीन जनवरी 2022 को होगी।

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रैलियों की तस्वीरों का हवाला


चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले राजनीतिक दलों की रैलियां शुरू हो गई हैं। यही नहीं कोर्ट ने आशंका जाहिर की है कि उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2022 में होने की उम्मीद है। ऐसे में याचिका में भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस की ओर से आयोजित रैलियों की तस्वीरें पेश की गई हैं। इसमें सामाजिक दूरियों के मानदंडों या कोविड के उचित व्यवहार का पालन किए बिना भारी भीड़ दिखाई दे रही है।

इसके अलावा कोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई है। इसमें आवेदन किया गया है कि नया ओमिक्रॉन वेरिएंट कोविड के किसी भी अन्य संस्करण की तुलना में 300 फीसदी से अधिक तेजी से फैल रहा है। ऐसे में लोगों के जीवन की रक्षा के लिए यह आवश्यक हो गया है कि चुनावी रैलियों जैसी बड़ी सभाओं से बचा जाए। हालांकि इसमें वर्चुअल रैलियों के विकल्प पर विचार के लिए कहा गया है।

Published on:
29 Dec 2021 06:56 pm
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