राष्ट्रीय

‘वंदे मातरम् का अपमान करने वालों को जेल भेजा जाए’, पूर्व TMC नेता रिजू दत्ता का बड़ा बयान

संसद से बिल पारित होने के बाद पूर्व टीएमसी नेता रिजू दत्ता ने इसका समर्थन किया है। उन्होंने वंदे मातरम् और जन गण मन का अपमान करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
2 min read
Jul 29, 2026
Riju Datta
Riju Datta (File Photo: ANI)

Vande Mataram Bill: संसद से वंदे मातरम् बिल पारित होने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व प्रवक्ता रिजू दत्ता ने इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् देश का राष्ट्रीय गीत है और जन गण मन राष्ट्रीय गान है। इनका अपमान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, उन्होंने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर भी अमेरिका में इलाज कराने की इच्छा को लेकर सवाल उठाए हैं।

वंदे मातरम् और जन गण मन का अपमान बर्दाश्त नहीं

रिजू दत्ता ने कहा कि एक भारतीय नागरिक और राष्ट्रवादी होने के नाते वह वंदे मातरम् बिल का पूरा समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत और जन गण मन राष्ट्रीय गान है। यदि कोई भारत में रहकर इनका अपमान करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

अभिषेक बनर्जी के अमेरिका जाने पर उठाए सवाल

रिजू दत्ता ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी हर हाल में अमेरिका जाने की कोशिश कर रहे हैं। दत्ता ने कहा कि अदालत ने कई बार उन्हें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में आंखों का इलाज कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि एक सांसद होने के नाते अभिषेक बनर्जी एम्स (AIIMS) में भी इलाज करा सकते हैं लेकिन वह अमेरिका जाना चाहते हैं। दत्ता ने सवाल उठाया कि आखिर वह इलाज के लिए अमेरिका जाने पर इतना जोर क्यों दे रहे हैं।

राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान राजनीति से ऊपर होना चाहिए

राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसी व्यक्ति या विचारधारा के खिलाफ नहीं है, बल्कि राष्ट्र की गरिमा और साझा राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने के उद्देश्य से लाया गया है। राय के अनुसार, यह संशोधन केवल कानूनी बदलाव नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

1971 के कानून की तर्ज पर मिला राष्ट्रीय गीत को संरक्षण

नित्यानंद राय ने कहा कि 1971 के कानून के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान पर दंड का प्रावधान पहले से मौजूद है। इस संशोधन के जरिए राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को भी उसी तरह का वैधानिक संरक्षण दिया गया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम् का विरोध देश की जनता देख रही है और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

Updated on:
29 Jul 2026 08:32 pm
Published on:
29 Jul 2026 08:19 pm