Vijay Tamil Nadu Government: तमिलनाडु में सरकार बनाने के बाद अभिनेता से नेता बने विजय के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती गठबंधन को संभालते हुए स्थायी सरकार देने की है। कांग्रेस समेत कई दलों के समर्थन से मुख्यमंत्री बनने जा रहे विजय 1967 के बाद DMK-AIADMK गठबंधन से बाहर के पहले सीएम होंगे।
Tamil Nadu CM Vijay: अभिनेता से नेता बने विजय की सरकार बनाने के बाद भी मुश्किलें कम नहीं होने वाली है। विजय के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक स्थायी सरकार देना है। विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। हालांकि बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें पीछे रह गई। पांच विधायकों वाली कांग्रेस ने भी सरकार बनाने के लिए टीवीके को समर्थन दिया है।
दरअसल, कांग्रेस के समर्थन देने के बाद विजय ने राज्यपाल से मुलाकात की थी, लेकिन राज्यपाल ने पहले बहुमत साबित करने के लिए कहा था। इसके बाद सीपीआई और सीपीआई (एम) ने भी विजय को समर्थन को दे दिया। दोनों पार्टियों के पास दो-दो विधायक थे।
वहीं 2-2 विधायक वाले VCK और IUML ने भी विजय को समर्थन दे दिया। इसके बाद विजय राज्यपाल के पास बहुमत साबित करने के लिए और फिर उन्हें सीएम पद की शपथ लेने के लिए कहा गया।
तमिलनाडु में विजय कांग्रेस समेत कई दलों के साथ गठबंधन कर सरकार बना रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती स्थायी सरकार देना है। गठबंधन में शामिल दलों को साथ रखने की भी जिम्मेदारी होगी।
इसके अलावा मंत्रिपरिषद के बंटवारा भी उसी हिसाब से करना होगा और सभी पार्टियों को साथ लेकर चलना होगा। क्योंकि थोड़ी-बहुत चूक भी विजय के लिए परेशानी बन सकती है।
बता दें कि सीएम पद की शपथ लेने के बाद विजय तमिलनाडु में 1967 के बाद ऐसे पहले नेता बन जाएंगे, जो DMK और AIADMK गठबंधन से बाहर होकर मुख्यमंत्री पद संभालेंगे।
विजय को लोग ‘थलापति’ के नाम से जानते हैं। वे चुनाव रैलियों में भारी भीड़ जुटाने में सफल रहे। उनकी लोकप्रियता की तुलना अभिनेता से नेता बने और पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन (MGR) से की गई। तमिलनाडु में फिल्म सितारों के राजनीति में आने की लंबी परंपरा रही है, लेकिन विजयकांत के बाद लोग किसी बड़े स्टार के राजनीति में सफल होने का इंतजार कर रहे थे।
हालांकि उनकी पार्टी TVK की शुरुआत 2024 में हुई, लेकिन उससे पहले भी विजय सामाजिक कार्यों के कारण चर्चाओं में रहते थे। उनकी फिल्मों में नशे की समस्या, भ्रष्टाचार और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों को उठाया जाता रहा है। 2009 से ही उनके राजनीति में आने की अटकलें लगती रही थीं, जबकि वे लगातार समाजसेवा से जुड़े रहे। 2026 के चुनाव में विजय ने पेरंबूर और त्रिची ईस्ट, दो सीटों से जीत हासिल की है। अब वे इनमें से एक सीट छोड़ देंगे।