Water Crisis India: भीषण गर्मी के बीच देश के बड़े जलाशयों में पानी तेजी से घट रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 166 प्रमुख जलाशयों में अब सिर्फ 34.45% पानी बचा है, जबकि कई राज्यों के बांधों का जलस्तर 50% से नीचे पहुंच चुका है। कमजोर मानसून की आशंका ने पेयजल, सिंचाई और बिजली उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
Water Crisis India: भीषण गर्मी एवं खपत बढ़ने के कारण देश के प्रमुख जलाशयों का पानी लगातार कम हो रहा है। वर्तमान में 63 बीसीएम (34.45%) पानी ही बचा है। यानी बांधों में 65 प्रतिशत से अधिक पानी रीत गया है और आगामी दिनों में यह गिरावट और नीचे जाएगी। अधिकतर राज्यों में समुचित पेयजल व कृषि-सिंचाई और उद्योगों में पानी की मांग की आपूर्ति में संकट गहराने की चिंता बढ़ रही हैं।
ऐसे में देश में मानसून की अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस साल मानसून की बारिश सामान्य से 8 प्रतिशत कम होने की संभावना भी है। यदि मानसून कमजोर रहा तो इसका सीधा प्रभाव जलाशयों पर पड़ेगा।
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्लूयसी) की निगरानी वाले 166 महत्वपूर्ण जलाशयों में वर्तमान में दो माह तक पानी बचा है। सीडब्लूयसी की रिपोर्ट के अनुसार जलाशयों की कुल लाइव स्टोरेज क्षमता 183.565 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है, जिसमें मई मध्य तक जल स्तर घटकर करीब 63 बीसीएम (34.45%) रह गया है। यह स्थिति कृषि, पेयजल और ऊर्जा क्षेत्र के लिए चिंताजनक है। कई राज्यों के बांधों का जल स्तर 40 से 50 प्रतिशत से नीचे पहुंच गया है।
आठ राज्यों में गंभीर स्थिति बनी हुई है। उत्तर और पूर्वी भारत में स्थिति सबसे खराब है। सिंधु बेसिन में स्टोरेज केवल 19.1% (2.83 बीसीएम) है, जो औसत से 40 प्रतिशत कम है। गंगा, गोदावरी जैसे प्रमुख बेसिनों में भी कमी दर्ज की गई है। कुछ राज्यों में भंडारण दस वर्षीय औसत से नीचे है, जिससे रबी फसल की बची हुई सिंचाई और आगामी खरीफ की तैयारी प्रभावित हो सकती है।
| राज्य | बांध | भराव क्षमता (बीसीएम) | वर्तमान (बीसीएम) | प्रतिशत |
|---|---|---|---|---|
| पंजाब | 1 | 2.34 | 1.56 | 66.89% |
| हिमाचल प्रदेश | 3 | 12.47 | 4.32 | 34.67% |
| राजस्थान | 7 | 5.017 | 2.31 | 46.10% |
| मध्य प्रदेश | 11 | 31.17 | 12.87 | 41.29% |
| छत्तीसगढ़ | 6 | 4.77 | 2.60 | 54.59% |
| महाराष्ट्र | 35 | 19.90 | 5.94 | 29.84% |
| कर्नाटक | 18 | 24.97 | 4.79 | 19.08% |
| गुजरात | 17 | 17.96 | 8.33 | 46.42% |
| उत्तर प्रदेश | 8 | 7.65 | 2.63 | 34.35% |
| जलाशय | बचा पानी (%) |
|---|---|
| गोबिंद सागर (भाखड़ा-हिमाचल/पंजाब) | 45% |
| पोंग डैम (हिमाचल/पंजाब) | 45% |
| राणा प्रताप सागर (राजस्थान) | 48% |
| हीराकुड डैम (ओडिशा) | 35% |
| सरदार सरोवर (गुजरात) | 47% |
| उकाई डैम (गुजरात) | 42% |
| इंदिरा सागर डैम (मध्य प्रदेश) | 43% |
| टिहरी डैम (उत्तराखंड) | 45% |
| नागार्जुन सागर डैम (तेलंगाना/आंध्र प्रदेश) | 25% |
| श्रीशैलम/मेट्टूर (आंध्र प्रदेश/तमिलनाडु) | 27% |
इस बार देश के अंडमान-निकोबार में मानसून छह दिन पहले पहुंच गया। इसके बाद मौसम विभाग ने मानसून के सामान्य तिथि 1 जून से 6 दिन पहले 26 मई तक केरल तट पर पहुंचने का पूर्वानुमान जारी किया था। लेकिन परिस्थितियां अनुकूल होने के बावजूद मानसून की उत्तरी सीमा केरल तट के नजदीक नहीं पहुंची है।
आईएमडी ने अगले 2-3 दिन स्थितियां अनुकूल बताई, पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि 26 को केरल तट पर मानसून पहुंच जाएगा। रफ्तार धीमी होने के कारण मानसून के अंडमान सागर व दक्षिण बंगाल की खाड़ी में अटकने की संभावना दिख रही है। मानसून की अच्छी बारिश होने पर से जलाशयों के जल स्तर की स्थिति सुधरने की संभावना है।
देश में 25 मई से नौतपा शुरू होने के साथ ही देश में राजस्थान, हरियाणा,उत्तरप्रदेश, पंजाब, दिल्ली, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार समेत 16 राज्यों में भीषण गर्मी व लू का असर चल रहा है। कई शहरों का तापमान 43 डिग्री से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। आइमएडी के अनुसार अगले एक सप्ताह तक अधिकतर राज्यों में प्रचंड गर्मी का कहर बरकरार रहेगा।