मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट : 7 नवंबर तक रहेगा असर, राजस्थान में 3 व 4 को बारिश, 5 नवंबर के बाद शुष्क मौसम
पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने एवं सोमवार से सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के असर से देश का मौसम फिर बदल गया है। उत्तर-पश्चिम से लेकर मध्य भारत और कोंकण क्षेत्र के राज्यों में मध्यम से हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राजस्थान, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जो 7 नवंबर तक जारी रहेगा। राजस्थान में 3 और 4 नवंबर को बारिश की संभावना है, जबकि 5 नवंबर के बाद मौसम शुष्क हो जाएगा। येलो अलर्ट के दौरान बादलों की गर्जना के साथ हल्की व मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना रहेगी। आइएमडी के अनुसार इस दौरान तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आ सकती है, जिससे न्यूनतम तापमान 15-18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। दिल्ली और उत्तरप्रदेश में धुंध की स्थिति बनी रहेगी, जबकि दक्षिण भारत में अलग सिस्टम के कारण भारी बारिश का अलर्ट है।
ऐसा रहेगा मौसम-
राजस्थान : 3-4 नवंबर को येलो अलर्ट। जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और जोधपुर संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश।
मध्य प्रदेश : भोपाल, इंदौर और जबलपुर में हल्की बारिश, येलो अलर्ट 4 नवंबर तक।
उत्तर प्रदेश : लखनऊ समेत पूर्वी भागों में बूंदाबांदी, ठंड बढ़ेगी । महाराष्ट्र : मुंबई और कोंकण में मध्यम वर्षा, हाई अलर्ट।
पंजाब-हरियाणा : अमृतसर, चंडीगढ़ में बादल और हल्की बारिश।
दिल्ली की हवा फिर खराब, बारिश से उम्मीद-
राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह वायु गुणवत्ता में भारी गिरावट आई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी ) के अनुसार रविवार सुबह 6:30 बजे एक्यूआइ का औसत स्तर 372 दर्ज किया गया, जो दिल्ली को स्पष्ट रूप से बहुत खराब श्रेणी में रखता है। कई इलाकों में एक्यूआइ 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जो गंभीर प्रदूषण स्तर को दर्शाता है। दिल्ली में प्रदूषण के नियंत्रण के लिए ग्रेप-2 की व्यवस्थाएं लागू हैं। एक्यूआई 401-450 तक होने पर ग्रेप-3 की व्यवस्था लागू होती है, लेकिन फिलहाल ग्रेप-3 लागू नहीं किया गया है। अगर तेज हवाएं चलने या बारिश का मौसम नहीं बनता है, तो दिल्ली के हालात कुछ दिनों तक खतरनाक बन सकते हैं। उम्मीद है कि चार नवंबर से सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के असर दिल्ली व एनसीआर में बारिश होती है तो प्रदूषण से आंशिक रूप से राहत मिल सकती है।
ये भी पढ़ें