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बंगाल चुनाव: शांतिपूर्ण मतदान के लिए चुनाव आयोग ने NIA को सौंपी जिम्मेदारी, दूसरे चरण के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम

West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले चुनाव आयोग ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। NIA की तैनाती के साथ भारी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से हो सके।

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Apr 28, 2026
West Bengal Elections 2026 (AI Image)

Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले चुनाव आयोग ने सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। आयोग ने मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने और मतदाताओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को जिम्मेदारी सौंपी है। हाल के दिनों में राज्य के कुछ इलाकों में विस्फोटक सामग्री मिलने और एक मामूली धमाके की घटना के बाद यह फैसला लिया गया है।

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दूसरे चरण के मतदान से पहले सख्ती

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण के मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को संपन्न हुआ था, जबकि दूसरा चरण बुधवार को होना है। आयोग का फोकस इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर है ताकि किसी भी तरह की बाधा न आए।

बम बरामदगी के बाद बढ़ी सतर्कता

हाल ही में दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर इलाके में एक व्यक्ति के घर से बड़ी संख्या में देसी बम बरामद किए गए थे। पुलिस को यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर करनी पड़ी। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और मामले की जांच के लिए NIA ने भी केस दर्ज कर जांच शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

NIA को दी गई जिम्मेदारी

चुनाव आयोग ने NIA को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है कि मतदान के दौरान किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल न हो। एजेंसी संबंधित मामलों की जांच के साथ-साथ सुरक्षा इनपुट्स पर भी नजर रखेगी, ताकि किसी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

दूसरे चरण के मतदान के लिए राज्यभर में बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कुल 41,001 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा केंद्रीय बलों की 2,300 से अधिक कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें सबसे ज्यादा तैनाती कोलकाता में है।

इसके साथ ही 142 सामान्य पर्यवेक्षक, 95 पुलिस पर्यवेक्षक और 100 व्यय पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

मतदाताओं की सुरक्षा प्राथमिकता

चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदाताओं को बिना किसी डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। आयोग का उद्देश्य है कि हर मतदान केंद्र पर शांतिपूर्ण माहौल बना रहे और चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी हो।
कुल मिलाकर, दूसरे चरण के मतदान से पहले सुरक्षा को लेकर किए गए ये इंतजाम यह संकेत देते हैं कि चुनाव आयोग किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है और वह शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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