
IPS Ajay Pal Sharma
IPS Ajay Pal Sharma West Bengal: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता क्षेत्र में चुनावी तनाव बढ़ गया है। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस ऑब्जर्वर और यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के वोटरों को धमकाने के कथित शिकायतों पर सख्त चेतावनी देने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समर्थकों ने उनके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
मामला फलता विधानसभा क्षेत्र का है, जो डायमंड हार्बर लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है। चुनाव आयोग को शिकायत मिली थी कि टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के सहयोगी वोटर आईडी कार्ड इकट्ठा कर रहे थे और मतदाताओं को धमका रहे थे। इन शिकायतों के आधार पर अजय पाल शर्मा ने क्षेत्र का दौरा किया और जहांगीर खान के परिवार व समर्थकों को सख्त चेतावनी दी।
एक वायरल वीडियो में अजय पाल शर्मा कहते दिख रहे हैं- 'उसे बता दो, अगर उसके लोग वोटरों को धमकाते रहे तो हम ठीक से निपटेंगे… बाद में रोना-धोना या पछताना मत।' उत्तर प्रदेश में 'सिंघम' के नाम से मशहूर और 500 से ज्यादा एनकाउंटर वाले शर्मा ने साफ कहा कि वोटरों को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई होगी। वे चुनाव आयोग द्वारा बंगाल में फेयर पोलिंग सुनिश्चित करने के लिए तैनात 95 पुलिस ऑब्जर्वरों में शामिल हैं।
टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'यह बंगाल है। अगर वो 'सिंघम' है तो मैं 'पुष्पा' हूं। बीजेपी द्वारा नियुक्त यूपी के पुलिस अधिकारियों की कोई भी धमकी या दबाव यहां बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।' उन्होंने आरोप लगाया कि शर्मा ने दोपहर करीब 3 बजे उनके पार्टी ऑफिस के सिक्योरिटी स्टाफ को धमकाया और फिर उनके परिवार तक पहुंचे।
उन्होंने आगे कहा कि अगर उन्हें कुछ कहना है तो एसपी या आईसी को बताएं। चुनाव आयोग के नियम में कहीं नहीं लिखा कि पुलिस ऑब्जर्वर घर जाकर लोगों और उम्मीदवारों को धमका सकता है। ये बीजेपी की मदद के लिए गैरकानूनी काम कर रहे हैं। टीएमसी कार्यकर्ताओं और नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है क्योंकि उन्हें पता है कि वे नहीं जीतेंगे, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।
टीएमसी समर्थकों ने फलता में जहांगीर खान के आवास और चुनाव कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया तथा शर्मा के खिलाफ नारे लगाए। राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि क्या ऑब्जर्वर को बिना सबूत के देर रात या ऐसे दौरे करने और चेतावनी देने का अधिकार है। दूसरे मंत्री अरूप बिस्वास ने कहा कि ऑब्जर्वरों को निष्पक्ष रहना चाहिए और संवैधानिक सीमा से बाहर किसी भी कार्रवाई को कानूनी रूप से चुनौती दी जाएगी।
Updated on:
28 Apr 2026 06:11 pm
Published on:
28 Apr 2026 05:53 pm
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