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West Bengal: 61 की उम्र में शादी, 2 साल पहले महिला के साथ बदसलूकी का केस, क्यों चर्चा में दिलीप घोष?

Dilip Ghosh cases: पश्चिम बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। वहीं दिलीप घोष के डिप्टी सीएम पद की शपथ को लेकर सियासी गलियारों में अटकलें तेज हैं।
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May 08, 2026
Dilipghoshnews
भाजपा नेता दिलीप घोष। (फाइल फोटो- IANS)

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है। बंगाल के अगले सीएम सुवेंदु अधिकारी होंगे। इस बीच, डिप्टी सीएम पद को लेकर भाजपा के एक और कद्दावर नेता का नाम काफी चर्चा में है।

सियासी गलियारे में अटकलें हैं कि शनिवार को दोपहर 11 बजे भाजपा नेता दिलीप घोष भी बंगाल के डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ले सकते हैं। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। दिलीप घोष का नाम आक्रामक अंदाज के लिए जाना जाता है।

एक साथ 19 धाराओं में मुकदमा

दिलीप अक्सर अपने ऊपर दर्ज हुए कुछ मुकदमों को लेकर विवादों में रहते हैं। ताजा चुनावी हलफनामे में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, दिलीप पर कुल 28 मुकदमे दर्ज हैं। उन पर आखिरी मुकदमा 2 साल पहले 27 मार्च, 2024 को दर्ज हुआ था।

तब दिलीप पर एक साथ 19 धाराएं लगीं थीं, जिसमें एक आरोप महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल के प्रयोग का मामला भी शामिल है।

2025 में दिलीप की शादी

इस गंभीर आरोप के एक साल बाद दिलीप की शादी की खबर सामने आई। अप्रैल 2025 में उन्होंने बीजेपी की ही साथी कार्यकर्ता रिंकू मजूमदार से शादी कर ली। दिलीप घोष लंबे समय तक कुंवारे रहे। जब उन्होंने शादी की, तब उनकी उम्र 61 साल के आसपास थी।

शादी न्यू टाउन के उनके घर पर साधारण तरीके से हुई। सिर्फ करीबी रिश्तेदार और कुछ पार्टी लोग शामिल थे। घोष ने बाद में शादी करने की वजह भी बताई, उन्होंने कहा कि मां की इच्छा पूरी करने के लिए यह कदम उठाया।

विधानसभा चुनाव में जबरदस्त जीत

अब 2026 के चुनाव में घोष ने खड़गपुर सदर से जीत हासिल की है। जीत के बाद उन्होंने कहा- जनता ने मुझ पर भरोसा जताया है। दिलीप घोष का संघ से गहरा नारा है।

जंगल महल क्षेत्र के कुलियाना गांव से ताल्लुक रखने वाले घोष ने बीजेपी को बंगाल में मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। 2019 में मेदिनीपुर से सांसद बने, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में हार गए।

इसके बाद पार्टी में कुछ आंतरिक मतभेद भी रहे, फिर भी वे वापसी कर गए। उनका बोलने का तरीका हमेशा सीधा और तीखा रहा है। CAA-NRC, राम मंदिर या ममता बनर्जी सरकार पर लगातार हमलावर रहे। हर मुद्दे पर वे सुर्खियां बनाते रहे।

Updated on:
08 May 2026 06:37 pm
Published on:
08 May 2026 06:37 pm
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