Bengal Chunav: पश्चिम बंगाल में 79 देसी बम बरामद होने के मामले की जांच अब NIA ने अपने हाथ में ले ली है। चुनाव से पहले सामने आए इस मामले को लेकर आतंक एंगल और बड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है।
Bengal Election: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा। इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में मिले देसी बमों के मामले को अपने हाथ में लेते हुए इसकी जांच आतंकवादी एंगल से शुरू कर दी है। गृह मंत्रालय के आदेश पर इस मामले में एजेंसी ने मामला भी दर्ज किया है।
NIA ने बताया कि यह मामला 25 अप्रैल को कोलकाता पुलिस द्वारा 79 देसी बम और अन्य संदिग्ध सामग्री की बरामदगी से जुड़ा है।
NIA ने कहा कि कोलकाता के उत्तर काशीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत भांगर डिवीजन के मजेरहाट (पोइलेपाड़ा) गांव में एक कब्रिस्तान के पास स्थित घर में ये विस्फोटक छिपाकर रखे गए थे। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और बम बरामद किए।
गृह मंत्रालय ने इस घटना को गंभीर मानते हुए इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 के तहत “अनुसूचित अपराध” माना है। मंत्रालय का कहना है कि विस्फोटकों का अवैध भंडारण न केवल सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इसका उद्देश्य दहशत फैलाना भी हो सकता है।
स्थिति की गंभीरता और संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभाव को देखते हुए, गृह मंत्रालय ने 25 अप्रैल की रात को ही NIA को जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया। इसके बाद NIA को पूरे मामले की गहन जांच और संभावित साजिश का खुलासा करने के लिए अधिकृत किया गया है।
वहीं इस मामले में चुनाव आयोग ने भी सख्त रुख अपनाया है। EC ने सीनियर अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बम बनाने से संबंधित सभी मामलों की एनआईए द्वारा जांच की जाएगी। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनके अधिकार क्षेत्र में कोई विस्फोटक मिलता है या कोई डराने-धमकाने वाली हरकत होती है, तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को मतदान हो गया है। अब दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। 4 मई को वोटों की गिनती की जाएगी। दूसरे फेस में किसी भी प्रकार की घटना ना हो इसके लिए एनआईए इस मामले का खुलासा करने में जुटी हुई है।