BJP 207 seats Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 207 सीटों पर कब्जा कर लिया और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी को बड़ा झटका दिया।
BJP victory in Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ममता बनर्जी के किले को ढहा दिया है। बीजेपी ने 207 सीटों पर कब्जा किया है। नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा। वहीं इस चुनाव में बड़ा उलटफेर भी दिखने को मिला है। सीएम ममता बनर्जी भी अपनी सीट नहीं बचा पाई। भवानीपुर से सीएम ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी ने हराया है। यह पहली बार नहीं है जब सुवेंदु ने ममता को हराया है, इससे पहले भी 2021 में नंदीग्राम से भी ममता को हार का सामना करना पड़ा है। ट
इतना ही नहीं विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ 2021 की अपनी सभी 77 सीटें बचाए रखीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) से 129 सीटें भी छीनी है।
प्रदेश की 294 सीटों में से 4 मई को 293 सीटों के परिणाम घोषित किए गए। इनमें से 135 सीटों पर इस बार पूरी तरह से समीकरण बदल गए। इनमें सबसे बड़ा नुकसान TMC को हुआ, जिसने 129 सीटें बीजेपी के हाथों गंवा दीं। इसके अलावा 2 सीटें कांग्रेस, 2 AJU और 1 CPI(M) को गईं, जबकि बीजेपी ने एक सीट BGPM से भी छीनी है।
विधानसभा चुनाव 2026 के परिणाम में ममता बनर्जी की पार्टी को 80 सीटें मिली है। दरअसल, इस चुनाव में टीएमसी दूसरी पार्टियों से भी कोई सीट नहीं जीत पाई है।
विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी का वोट प्रतिशत भी बढ़ा है। इसी की बदौलत बीजेपी ने बंगाल में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सरकार बनाई है। 2021 में बीजेपी का कुल वोट शेयर 38 प्रतिशत था, जो कि 2026 में बढ़कर 46 प्रतिशत हो गया है। कई सीटों पर पार्टी ने 10% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की, जो इस जीत का बड़ा कारण बना।
दरअसल, जिन 129 सीटों पर बीजेपी जीती, उनमें से ज्यादातर में तृणमूल कांग्रेस का वोट शेयर गिरा है। वहीं, कई सीटें ऐसी है जिनमें 10 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट हुई है। बता दें कि विधानसभा चुनाव 2021 में टीएमसी इन सीटों पर बड़े अंतर से जीती थी, लेकिन 2026 में बीजेपी ने औसतन 19,852 वोटों से जीत दर्ज की।
बंगाल विधानसभा चुनाव में एंटी इनकंबेंसी का असर भी दिखाई दिया है। ममता बनर्जी के 35 में से 22 मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा है। इनमें से भवानीपुर से सीएम ममता बनर्जी भी शामिल है। यानी करीब 63 प्रतिशत मंत्री चुनाव हार गए।