TMC councillors resign KMC: कोलकाता नगर निगम में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। विधानसभा चुनाव हार के बाद दो पार्षदों सुशांत घोष और अरूप चक्रवर्ती ने बोरो चेयरमैन और अकाउंट्स कमिटी पद से इस्तीफा दे दिया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Politics) में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी में कलह अब साफ दिख रही है। कोलकाता म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (केएमसी) में दो टीएमसी पार्षदों ने बुधवार को एक साथ अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
यह कदम पार्टी के अंदर असंतोष और हार के बाद की हलचल को उजागर कर रहा है। सुशांत घोष ने बोरो नंबर 12 के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया, जबकि अरूप चक्रवर्ती ने KMC के अकाउंट्स कमिटी के सदस्य पद से इस्तीफा सौंपा।
दोनों ने केएमसी कमिश्नर स्मिता पांडे और मेयर फिरहाद हकीम को अपना इस्तीफा पत्र दिया। हालांकि, दोनों नेता अभी भी तृणमूल के पार्षद बने हुए हैं।
मीडिया से बात करते हुए अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि जनता का फैसला मानना चाहिए। अगर हार नहीं स्वीकार की तो पिछली जीत का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। उन्होंने चिंता जताई कि पार्टी कार्यकर्ता अब खतरे में हैं।
साथ ही उन्होंने यह भी पूछा- लंबे समय तक फायदा उठाने वाले कई मंत्री कहां गायब हो गए? सुशांत घोष ने भी इसी तरह का बयान दिया। दोनों पार्षद वार्ड 108 और 98 से चुने गए थे।
सुशांत घोष ने अपने ऊपर हुए पुराने हमले की जांच पर भी सवाल खड़े किए। बता दें कि पिछले साल नवंबर में उनके घर के सामने एक हमलावर ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की थी। स्कूटर पर आए हमलावर की गोली नहीं चली और सुशांत बच गए।
बाद में हमलावर युवराज सिंह और मुख्य साजिशकर्ता समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सुशांत ने कहा कि जांच सही दिशा में नहीं हो रही है। उन्होंने राज्य के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से अपील की है कि इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए।
कुछ दिन पहले ही वार्ड 74 की पार्षद देबालिना बिस्वास ने बोरो नंबर 9 की चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका इस्तीफा पत्र सार्वजनिक भी हुआ। बताया गया कि भवानीपुर विधानसभा सीट पर पार्टी की बुरी हार के बाद उन्होंने यह कदम उठाया।