West Bengal Post Poll Violence कोलकाता हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने दुर्गा पूजा के बाद अपनी जांच फिर तेज की है। इतना ही नहीं कई मामलों में सीबीआई ने चार्जशीट भी दाखिल की है, इसी के तहत अब तीन और एफआईआर दर्ज की गई हैं
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद चुनावी हिंसा (West Bengal Post Poll Violence) के संगीन मामलों की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम ने हत्या के संबंध में तीन और प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। सीबीआई ने ये कार्रवाई कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) के आदेश पर की है।
इन तीन एफआईआर के बाद अब तक बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई चुनावी हिंसा में दर्ज प्राथमिकी की संख्या बढ़कर 43 हो गई है। दरअसल हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने दुर्गा पूजा के बाद अपनी जांच फिर तेज की है। इतना ही नहीं कई मामलों में सीबीआई ने चार्जशीट भी दाखिल की है।
सीबीआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरके गौड़ के मुताबिक हाईकोर्ट के निर्देशानुसार जांच के सिलसिले में तीन और प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें से एक प्राथमिकी कोलकाता के गोल्फग्रीन थाना क्षेत्र की है।
16 मई को यहां बीजेपी के कार्यकर्ताओं की लाठी-डंडे रॉड ब्लेड आदि से पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने की प्राथमिकी दर्ज की गई थी, अबी CBI ने इस FIR को अपने अधीन ले लिया है।
बीजेपी वर्क का किया था मर्डर
वहीं दूसरी एफआईआर दक्षिण दिनाजपुर जिले के गंगारामपुर थाने की है। यहां एक मई को प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिसमें पीड़ित व्यक्ति घर से लापता हो गया था और बाद में उसका शव बरामद किया गया था।
जबकि तीसरी प्राथमिकी 10 मई की है। उत्तर 24 परगना जिले के आंमडांगा थाना क्षेत्र में बीजेपी के एक कार्यकर्ता को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया था और शव को टांग दिया गया था।
इन तीनों मामले में CBI ने नए सिरे से प्राथमिकी दर्ज की है। सीबीआई की टीम विभिन्न इलाकों में जाकर पीड़ितों का बयान दर्ज कर रही है।
अब तक कुल 43 केस दर्ज
सीबीआई ने स्थानीय पुलिस की इन तीनों FIR पर फिर से विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इन सभी मामलों की जांच की जा रही है।
बता दें कि सीबीआई कोलकाता हाई कोर्ट के निर्देशानुसार इन मामलों की प्रॉग्रेस रिपोर्ट भी सौंपनी है। फिलहाल सीबीआई अब तक कुल 43 मुकदमें दर्ज कर चुकी है और उसने कुछ मामलों में आरोपपत्र भी कोर्ट के सामने पेश कर दिए हैं।