West Bengal में गरीबों के लिए 5 रुपये में फिश-राइस मील और महिलाओं को 3 हजार मासिक सहायता और स्कूल-मंदिरों के पास शराब दुकानों पर रोक लगाने की नई योजना की घोषणा की गई है।
West Bengal Scheme Rs 5 Fish Rice: पश्चिम बंगाल में गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि राज्य में अब गरीबों को सिर्फ 5 रुपये में मछली-चावल उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि महिलाओं को आर्थिक सहायता के तौर पर हर महीने 3000 रुपये देने की योजना शुरू की जाएगी। साथ ही स्कूल, कॉलेज और धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की दुकानों पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला भी लिया गया है। सरकार ने इसे सामाजिक सुधार और जनकल्याण की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 400 विशेष कैंटीनों में मछली-चावल अब सिर्फ 5 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य गरीब लोगों को सस्ता और भरपेट भोजन उपलब्ध कराना है। सरकार का दावा है कि इससे रोजाना काम करने वाले मजदूरों और कम आय वाले परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा।
कार्यक्रम में एक और बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अन्नपूर्णा योजना के फॉर्म 27 मई से जारी किए जाएंगे। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि अब स्कूलों, कॉलेजों और मंदिरों के एक किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी। इस फैसले को सामाजिक सुरक्षा और युवाओं को गलत प्रभाव से बचाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। राज्य सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इनमें आयुष्मान भारत योजना को लागू करना, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, और OBC आरक्षण में संशोधन जैसे कदम शामिल हैं। साथ ही साल 2011 के बाद जारी जाति प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच का भी फैसला लिया गया है। सरकार ने यह भी कहा है कि सरकारी नौकरियों की आयु सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी की गई है। वहीं कुछ कल्याणकारी योजनाओं में धार्मिक आधार पर भेदभाव खत्म करने की बात भी कही गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब 'कानून का राज' स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाना है और इसके लिए लगातार क्षेत्रीय बैठकें की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले दुर्गापुर, बैंकुरा और बर्धमान जैसे क्षेत्रों में बैठकें हुई थीं और अब नदिया, नॉर्थ 24 परगना और हुगली जैसे जिलों पर ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले समय में अन्य जिलों में भी इसी तरह की बैठकें होंगी। सरकार का कहना है कि इसका मकसद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है ताकि योजनाएं तेजी से लागू हो सकें।