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What is Fake Signature Case: क्या है फेक साइन केस? अभिषेक बनर्जी से CID कर रही पूछताछ, कई विधायकों के नाम शामिल होने का शक

Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में टीएमसी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। चुनावी हार के बाद अब फर्जी हस्ताक्षर विवाद ने पार्टी को नए संकट में डाल दिया है। सीआईडी जांच के बीच अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगे हैं।
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Jun 01, 2026
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TMC Crisis: अभिषेक बनर्जी(फोटो-ANI)

What is Fake Signature Case: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस लगातार दबाव में दिखाई दे रही है। चुनावी झटके से उबरने की कोशिश कर रही पार्टी अब एक नए विवाद में घिर गई है। पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें पहले से सामने आ रही थीं, लेकिन अब कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले ने नया सियासी बवाल खड़ा कर दिया है। कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले ने तृणमूल कांग्रेस की परेशानियां बढ़ा दी हैं। मामला विधानसभा सचिवालय को भेजे गए एक प्रस्ताव से जुड़ा है।

जानें डिटेल्स


चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी की ओर से एक पत्र विधानसभा सचिवालय को भेजा गया था, जिसमें वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय के नेता विपक्ष के समर्थन में विधायकों का साइन होने का दावा किया गया था। बताया जाता है कि इस पत्र पर करीब 70 नव-निर्वाचित विधायकों के हस्ताक्षर शामिल थे। लेकिन जब विधानसभा सचिवालय ने डाक्यूमेंट्स की जांच की, तब कुछ हस्ताक्षरों को लेकर संदेह पैदा हुआ। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि कुछ हस्ताक्षर आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नमूनों से मेल नहीं खाते। सबसे ज्यादा चर्चा चौरंगी से विधायक नैना बनर्जी और कैनिंग पूर्व से विधायक बहारुल इस्लाम के हस्ताक्षरों को लेकर हुई। आरोप है कि कुछ नामों के सामने ऐसे हस्ताक्षर किए गए, जिनकी प्रामाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं। यह भी दावा किया गया कि कुछ मामलों में संबंधित विधायकों की जानकारी या मौजूदगी के बिना पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।

यहीं से पूरे विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। विधानसभा सचिवालय ने मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं। अब इस मामले की जांच CID कर रही है। जिसमें अभिषेक बनर्जी से पूछताछ हुई है। साथ ही कई अन्य विधायकों से भी पूछताछ की गई है।

दो विधायक भी हुए निष्कासित


मामले को और ज्यादा तूल तब मिला जब हाल ही में पार्टी से निष्कासित किए गए पूर्व विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने इस विवाद को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी का नाम लेते हुए सवाल खड़े किए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें गलत तारीख पर साइन करने के लिए कहा गया था।

Updated on:
01 Jun 2026 10:11 pm
Published on:
01 Jun 2026 10:08 pm