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Patrika Explainer: क्या TDP मोदी मंत्रिमंडल फेरबदल में नहीं चाहती हिस्सा? चंद्रबाबू नायडू का क्या है प्लान

Modi Cabinet Expansion: पीएम नरेंद्र मोदी के संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मानसून सत्र से पहले मंत्रिमंडल में नए चेहरों को मौका मिल सकता है...
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Jun 28, 2026
Modi cabinet expansion
सीएम चंद्रबाबू नायडू (बााएं) और पीएम नरेंद्र मोदी (Photo-IANS)

Narendra Modi Cabinet Reshuffle: नरेंद्र मोदी कैबिनेट में फेरबदल को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही है। हालांकि कैबिनेट में कब बदलाव होगा, इसको लेकर आधिकारिक जिम्मेदारी सामने नहीं आई है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि संसद के मानसून सत्र से पहले कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है। इसमें बागी सांसदों का नेतृत्व करने वाले नेताओं को इनाम मिल सकता है। वहीं नेताओं के विभाग बदले जा सकते है, जबकि कई नेताओं की छुट्टी भी हो सकती है। साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

इन नेताओं को मिल सकता है मौका

पीएम नरेंद्र मोदी की नई टीम में आम आदमी पार्टी से बीजेपी में शामिल हुए राघव चड्ढा को मौका मिल सकता है। दरअसल, AAP के 7 राज्य सभा सांसदों के बीजेपी में विलय करने का राघव चड्ढा ने नेतृत्व किया था। राघव चड्ढा पंजाब से राज्य सभा सांसद है। वहीं पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव भी होने है। ऐसे में राघव चड्ढा को मोदी कैबिनेट में जगह देकर बीजेपी आगामी चुनाव में फायदा उठा सकती है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीतीश कुमार को भी मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इसके अलावा जिन नए नामों पर चर्चा चल रही है, उसमें महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे का भी है। दरअसल, उद्धव गुट के 6 सांसदों को श्रीकांत शिंदे ही एनडीए में लाए है। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस छोड़कर आए सुखेंदु शेकर, सुदीप बंदोपाध्याय और शर्मिला सरकार को भी जगह मिल सकती है। 

क्या टीडीपी नहीं चाहती हिस्सा? 

लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी ने अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं किया था। संसद में एनडीए के बहुमत में नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू की पार्टी का अहम रोल है। लोकसभा चुनाव में चंद्रबाबू नायडू के 16 सांसद जीतकर संसद पहुंचे थे। ऐसे में अब मोदी कैबिनेट में फेरबदल के बाद एक बार फिर टीडीपी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। टीडीपी की प्राथमिकता क्या है?

टीडीपी की रणनीति ज्यादा मंत्रालय के बजाय ज्यादा विकास पैकेज हासिल करने की रही है। यही कारण है कि पार्टी केंद्र सरकार के साथ टकराव के बजाय सहयोग की राजनीति करती दिखाई दे रही है।

2024 के बाद केंद्र ने आंध्र प्रदेश को क्या-क्या मदद दी?

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में आंध्र प्रदेश के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की है…

  • केंद्र सरकार ने अमरावती के विकास और राज्य के पुनर्निर्माण के लिए 15,000 करोड़ की विशेष वित्तीय सहायता दी।
  • पोलावरम परियोजना को पूरा करने के लिए केंद्र ने वित्तीय सहायता जारी रखने और शीघ्र पूरा कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
  • विशाखापत्तनम-चेन्नई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए बजटीय समर्थन की घोषणा की गई।
  • इसके अलावा 2025 और 2026 के बजटों में भी आंध्र प्रदेश के लिए डेटा सेंटर, पर्यटन, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास से जुड़े कई प्रावधान किए गए, जिन्हें टीडीपी ने अपनी प्रमुख मांगों की पूर्ति बताया।

क्या है नायडू का प्लान

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक चंद्रबाबू नायडू की रणनीति तीन बिंदुओं पर केंद्रित है। पहला- आंध्र प्रदेश के लिए अधिक से अधिक केंद्रीय वित्तीय सहायता लेना। दूसरा- एनडीए में अपना प्रभाव बनाए रखते हुए केंद्र के साथ टकराव से बचना है। जिससे राज्य को लगातार निवेशऔर विकास योजनाओं का लाभ मिलता रहे। तीसरा- अमरावती राजधानी परियोजना और पोलावरम जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को तेजी से पूरा कराना।

Published on:
28 Jun 2026 10:34 am