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क्या धर्मेंद्र प्रधान के साथ ही भूपेंद्र यादव की भी होगी मोदी कैबिनेट से विदाई? कांग्रेस क्यों याद दिला रही ‘राजधर्म’

Bhupender Yadav : भूपेंद्र यादव के एक निजी सचिव और दो अतिरिक्त निजी सचिवों को हटा दिया है। इसके बाद कांग्रेस ने राजधर्म का पालन करने की नसीहत दी है। पढ़ें पूरी खबर...
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Jul 10, 2026
Bhupendra Yadav big announcement every year 2 February Alwar celebrated a bird festival
केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव। फाइल फोटो पत्रिका

Modi cabinet reshuffle:मोदी कैबिनेट में फेरबदल के कयास बीते कुछ समय से लगाए जा रहे हैं। कुछ मंत्रियों से प्रदर्शन के आधार पर विभाग वापस लिए जाने की चर्चा है। नीट यूजी पेपर लीक, सीबीएसई और यूजीसी न्यू रेगुलेशन के मामले में मोदी काबीना के मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाए जाने की संभावना पर सबसे अधिक बात हो रही है। इस लिस्ट में अब भूपेंद्र यादव का नाम जुड़ गया है।

क्यों जुड़ा भूपेंद्र यादव का नाम?

अलवर से सांसद भूपेंद्र यादव मोदी सरकार में पर्यावरण मंत्री हैं। बीते दिनों पर्यावरण मंत्रालय ने एक साथ एक निजी सचिव और दो अतिरिक्त निजी सचिवों को हटा दिया है। मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव को ‘‘प्रशासनिक आधार’’ पर हटा दिया गया, जबकि एक अतिरिक्त निजी सचिव की सेवा खत्म कर दी गई और दूसरे अतिरिक्त निजी सचिव को उनके मूल कैडर में समय से पहले वापस भेज दिया गया। दिल्ली के सियासी गलियारों में चर्चा चली कि ये कार्रवाई सीधे पीएमओ से हुई है।

राजधर्म का पालन करते हुए यादव इस्तीफा दें: जयराम

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि क्या भारतीय राजनीति में नैतिक जिम्मेदारी की भावना अभी भी जीवित है? ठीक 70 वर्ष पहले तमिलनाडु में एक रेल दुर्घटना के बाद लाल बहादुर शास्त्री ने रेल मंत्री के पद से इस्तीफा देकर नैतिक जिम्मेदारी का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया था। उनके इस उदाहरण को अक्सर याद किया जाता है और इसकी हमेशा व्यापक सराहना भी हुई है, लेकिन यदि कभी इसका पालन हुआ भी है, तो वह बेहद विरल रहा है।

जब किसी मंत्री के सबसे करीबी सहयोगियों में से चार को भ्रष्टाचार के आरोपों में बर्खास्त कर दिया जाए, तो मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वयं पद छोड़ने की इच्छा महसूस होनी चाहिए। यदि उन्हें यह पता था कि क्या हो रहा था, तो वे भी उतने ही दोषी हैं। और यदि वे यह दावा करते हैं कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, तो यह स्थिति और भी गंभीर है तथा उनके पद छोड़ने का कारण और भी बड़ा हो जाता है। यह उनके राजधर्म का पालन करने का समय है, जिसकी याद तत्कालीन प्रधानमंत्री ने चौदह वर्ष पहले गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री को दिलाई थी। इस राजधर्म में नैतिक जिम्मेदारी और राजनीतिक जवाबदेही-दोनों शामिल हैं।

क्या चंदा दो, धंधा लो योजना गड़बड़ा गई: कांग्रेस

इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि क्या चंदा दो, धंधा लो योजना गड़बड़ा गई। उन्होंने कहा कि क्या बिना आग के इतना धुआं उठ सकता है? कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी सरकार से अधिकारियों के खिलाफ इस कार्रवाई के पीछे की वजह सार्वजनिक करने की मांग की।

Updated on:
10 Jul 2026 11:10 am
Published on:
10 Jul 2026 11:10 am