Year Ender 2025: साल 2025 में भारत ने उपलब्धियों के साथ-साथ कई भीषण हादसों का दर्द भी झेला, जिनमें भगदड़, आतंकी हमले और विमान दुर्घटनाएं शामिल रहीं।
Year Ender 2025: साल 2025 भारत के लिए बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला रहा। जहां एक तरफ देश ने कई उपलब्धियां हासिल कीं, वहीं दूसरी तरफ एक के बाद एक भयानक हादसों ने सैकड़ों जिंदगियां छीन लीं और पूरे राष्ट्र को शोक में डुबो दिया। महाकुंभ जैसे पवित्र आयोजन से लेकर खुशी के जश्न और रोजमर्रा की यात्राओं तक, ये दुर्घटनाएं अचानक मौत का रूप लेकर आईं। भीड़ प्रबंधन की कमी, सुरक्षा चूक और अप्रत्याशित घटनाओं ने न केवल परिवारों को उजाड़ा, बल्कि देश में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े किए। आइए, इस साल की उन पांच सबसे खौफनाक दुर्घटनाओं पर नजर डालते हैं, जिन्होंने पूरे देश को सन्न कर दिया और आने वाले समय के लिए बड़ा सबक छोड़ा।
महाकुंभ मेला के मौनी अमावस्या स्नान के दौरान संगम घाट पर भगदड़ मच गई। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ में बैरिकेडिंग टूटने और अचानक धक्कामुक्की से कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक घायल हुए। कुछ रिपोर्ट्स में मौतों का आंकड़ा 80 से ज्यादा बताया गया। यह कुंभ इतिहास की छठी बड़ी भगदड़ थी, जिसने भीड़ प्रबंधन की कमी को उजागर किया। उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दिए, लेकिन विपक्ष ने लापरवाही का आरोप लगाया।
पहलगाम के बैसारन वैली में पर्यटकों पर आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। मुख्य रूप से हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाते हुए 26 लोग मारे गए, जिनमें एक विदेशी पर्यटक और एक स्थानीय गाइड भी शामिल था। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने हमले की जिम्मेदारी ली। इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया और भारत-पाकिस्तान तनाव बढ़ाया। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत जवाबी कार्रवाई की।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की IPL 2025 जीत के जश्न में एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। अनियंत्रित भीड़ और गेट पर धक्कामुक्की से भगदड़ मच गई, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और 56 से अधिक घायल हुए। खुशी का माहौल मातम में बदल गया। कर्नाटक सरकार ने पुलिस कमिश्नर को सस्पेंड किया और न्यायिक जांच के आदेश दिए। यह घटना खेल आयोजनों में सुरक्षा की कमी को दर्शाती है।
अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट AI171 (बोइंग 787 ड्रीमलाइनर) टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद क्रैश हो गई। विमान बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराया, जिसमें 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई (केवल एक यात्री बचा)। जमीन पर भी 19-30 लोगों की जान गई। कुल मौतें 260 से अधिक। प्रारंभिक जांच में इंजन फ्यूल स्विच की गड़बड़ी सामने आई। यह दशक की सबसे बड़ी विमान दुर्घटना बनी, जिसने एविएशन सेफ्टी पर सवाल उठाए।
लाल किले के पास एक कार में धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हुए। पुलिस ने इसे आतंकी हमला करार दिया और UAPA के तहत जांच शुरू की। अमोनियम नाइट्रेट से बने विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ। घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए और पूरे देश में अलर्ट जारी किया गया।
ये हादसे न केवल जानलेवा साबित हुए, बल्कि उन्होंने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आतंकवाद निरोधक उपायों में सुधार की जरूरत को रेखांकित किया। साल 2025 ने हमें सिखाया कि खुशी और श्रद्धा के पलों में भी सतर्कता जरूरी है। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना और उम्मीद है कि 2026 बेहतर होगा।