नीमच

नीमच में अमानवीयता: मांगी 20 माह की मजदूरी, मजदूर को बंधक बनाकर बेल्ट-लाठियों से पीटा

खड़ावदा गांव में हुई बर्बरता, चाय की दुकान से कार में बैठाकर ले गए आरोपी, रातभर थ्रेशर की बेल्ट और ल_ से पीटते रहे, अगले दिन सुबह रिश्तेदारों के पहुंचने पर उसे छुड़ाया गया।
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Jul 24, 2026
Neemuch Crime News
खड़ावदा गांव में हुई बर्बरता, चाय की दुकान से कार में बैठाकर ले गए आरोपी, रातभर थ्रेशर की बेल्ट और ल_ से पीटते रहे

नीमच। एक मजदूर को 20 महीने की मजदूरी मांगना भारी पड़ गया। बकाया पैसे मांगने से नाराज मालिक ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर मजदूर को अगवा किया, फिर खेत पर बने कमरे में रातभर बंधक बनाकर बेल्ट और ल_ से बेरहमी से पीटा।

मारपीट में मजदूर का मोबाइल भी तोड़ दिया। अगले दिन सुबह रिश्तेदारों के पहुंचने पर उसे छुड़ाया गया। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

20 महीने में दिए सिर्फ 20 हजार रुपए
खड़ावदा गांव के रहने वाले सुरेश जाट (35) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पिछले दो साल से अशोक कुमार जाट के यहां कुल्फी का टेम्पो चलाने का काम करता था। मालिक ने 12 हजार रुपए महीना वेतन तय किया था, लेकिन पिछले 20 महीनों में उसे सिर्फ 20 हजार रुपए ही दिए गए। सुरेश जब भी अपने बकाया पैसों की मांग करता, तो अशोक टालमटोल कर देता था। पांच दिन पहले जब उसने फिर से अपना हक मांगा, तो मालिक ने साफ मना कर दिया। इससे परेशान होकर उसने काम छोड़ दिया और नीमच के विजय टॉकीज चौराहे के पास एक चाय की दुकान पर काम करने लगा।

चाय की दुकान से झांसा देकर ले गए
सुरेश के मुताबिक 23 जुलाई की रात करीब 9 बजे हरिश जाट, पप्पू बैरागी और अशोक जाट एक कार से उसकी चाय की दुकान पर पहुंचे। तीनों ने कहा कि दो दिन में पूरा हिसाब कर देंगे, बस एक बार घर चलो। उनकी बात मानकर सुरेश कार में बैठ गया। आरोप है कि रूपपुरा स्थित खेत पर पहुंचते ही तीनों आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। अशोक जाट ने बिना बताए काम छोडऩे पर नाराजगी जताई और उसका मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक कर तोड़ दिया।

कमरे में बंद कर थ्रेशर की बेल्ट से पीटा
इसके बाद आरोपी उसे खेत पर बने टीन शेड के कमरे में ले गए और बाहर से कुंडी लगा दी। रात में अशोक जाट ने थ्रेशर मशीन की बेल्ट और ल_ से उसकी जमकर पिटाई की। बेल्ट के वार से सुरेश की पीठ, जांघ, कुल्हों, हाथ और गर्दन पर गंभीर चोटें आई हैं। मारपीट के दौरान आरोपियों ने उसे धमकी दी कि अगर कहीं और काम किया तो जान से मार देंगे।

सुबह रिश्तेदारों ने आकर छुड़ाया
पीडि़त पूरी रात दर्द से तड़पता रहा और कमरे में बंद रहा। 24 जुलाई की सुबह जब सुरेश की बहन के ससुर बद्रीलाल जाट और जीजा मुकेश जाट को घटना की जानकारी मिली, तो वे खेत पर पहुंचे। उन्होंने कमरे का दरवाजा खोलकर सुरेश को बाहर निकाला। इसके बाद परिजन उसे थाने लेकर पहुंचे और 24 जुलाई देर शाम पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

Updated on:
24 Jul 2026 10:25 pm
Published on:
24 Jul 2026 10:14 pm