AAP Challenges CM Rekha Gupta: आम आदमी पार्टी ने कहा कि छठ करने वाले अधिकतर गरीब परिवारों के लोग होते हैं। अगर उन्हें बीमारियां हो गईं तो उनके पास अच्छे अस्पताल में इलाज कराने के लिए पैसे नहीं होंगे। ऐसे में उनकी जान भी जा सकती है।
AAP Challenges CM Rekha Gupta: दिल्ली में छठ महापर्व से पहले एक बार फिर यमुना के प्रदूषित पानी को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। AAP के वरिष्ठ नेता और दिल्ली संगठन प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने सीएम रेखा गुप्ता को खुली चुनौती दी है कि वह यमुना का पानी पीकर दिखाएं, जिसे बीजेपी सरकार साफ बताने का दावा कर रही है।
सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा “हमने वजीराबाद के पास यमुना से पानी भरा है। इस पानी के नीचे जमी हुई परत में मल और गंदगी है, जो नजफगढ़ नाले से आकर यमुना में मिली है। यह पानी पीने तो दूर, नहाने के लायक भी नहीं है।” उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (DPCC) की दो दिन पुरानी रिपोर्ट में भी यही कहा गया है कि यमुना के कई स्थानों से लिए गए सैंपलों में प्रदूषण की मात्रा बेहद अधिक पाई गई है।
AAP नेता ने सीएम रेखा गुप्ता पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा “अगर लोग छठ पूजा के दौरान इस पानी में जाकर अर्घ्य देंगे या गलती से इसे पी लेंगे तो उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। छठ करने वाले अधिकतर गरीब परिवारों के लोग होते हैं। अगर उन्हें बीमारियां हो गईं तो उनके पास अच्छे अस्पताल में इलाज कराने के लिए पैसे नहीं होंगे। बीजेपी सरकार इनकी जान से खिलवाड़ कर रही है।”
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने यमुना को साफ करने के लिए एक व्यापक योजना बनाई थी, लेकिन उपराज्यपाल ने इसमें कई अड़चनें डालीं, जिसके कारण काम पूरा नहीं हो सका। अब रेखा सरकार यमुना की सफाई के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। सौरभ भारद्वाज ने कहा “बीजेपी दिल्ली में झूठ का तंत्र चलाकर लोगों को भ्रमित कर रही है। अगर रेखा गुप्ता को विश्वास है कि यमुना साफ है तो वह खुद आकर इस पानी को पीकर दिखाएं। अगर नहीं पी सकतीं तो झूठे दावे करना बंद करें।”
इसी मुद्दे पर AAP के बुराड़ी से विधायक संजय झा ने भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा “छठ पूजा के दौरान यमुना की सफाई को लेकर बीजेपी केवल दिखावा कर रही है। हम उसी जगह से पानी लेकर आए हैं, जहां से बीजेपी दावा करती है कि यमुना साफ है। दरअसल, बीजेपी राजनीतिक फायदे के लिए पूर्वांचल समाज के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्हें हमेशा से पूर्वांचलियों से नफरत रही है और अब उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।”
हर साल की तरह इस बार भी छठ महापर्व से पहले दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली सरकार और बीजेपी-शासित नगर निकाय दोनों अपने-अपने स्तर पर सफाई के दावे कर रहे हैं, लेकिन यमुना की वास्तविक स्थिति को लेकर सवाल बरकरार हैं।
AAP का कहना है कि बीजेपी केवल दिखावे की सफाई करती है, जबकि असल में यमुना का जलस्तर और प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। वहीं, बीजेपी का दावा है कि दिल्ली सरकार ने नालों के उपचार और सीवेज प्रबंधन में लापरवाही बरती है, जिससे स्थिति बिगड़ी है। अब देखना यह होगा कि छठ पर्व तक यमुना की सफाई को लेकर यह राजनीतिक रस्साकशी कहां तक जाती है और जनता को इसका क्या परिणाम देखने को मिलता है।