
Arvind Kejriwal News: E20 पेट्रोल को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर मार्च करने निकले। उनके हाथ में दो लाख से ज्यादा लोगों की याचिकाएं थीं। इन याचिकाओं के जरिए पार्टी प्रधानमंत्री तक लोगों की E20 से जुड़ी शिकायतें और मांगें पहुंचाना चाहती थी।
केजरीवाल ने इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को अमरीका के दबाव में आकर एथनॉल नहीं खरीदना चाहिए और न ही लोगों पर E20 पेट्रोल थोपना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सीधे आम लोगों और उनके वाहनों से जुड़ा है, इसलिए सरकार को पहले उनकी परेशानी सुननी चाहिए।
केजरीवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने E20 को लेकर अपनी चिंता जताई है। उनका कहना है कि कई वाहन मालिक पेट्रोल में ज्यादा एथनॉल मिलाने के बाद गाड़ियों की माइलेज और परफॉर्मेंस को लेकर परेशान हैं। इसी वजह से AAP ने लोगों से याचिकाएं जुटाईं और उन्हें प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का फैसला किया।
प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे केजरीवाल और AAP नेताओं को दिल्ली पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल के साथ मनीष सिसोदिया और संजय सिंह समेत पार्टी के कई नेताओं ने वहीं बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पुलिस की भारी तैनाती पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी किसी तरह का विवाद नहीं चाहती। उनका कहना था कि वे सिर्फ प्रधानमंत्री को याचिकाएं सौंपना और इस मुद्दे पर बातचीत करना चाहते हैं।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के लोगों की बात सुनें और E20 को लेकर उठ रहे सवालों पर चर्चा करें। उनका कहना है कि सरकार को लोगों की परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय उसका समाधान निकालना चाहिए।
वहीं बीजेपी ने केजरीवाल के विरोध को राजनीति से प्रेरित बताया है। बीजेपी सांसद तरुण चुघ ने कहा कि एथनॉल का इस्तेमाल वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है और इससे किसानों को भी फायदा मिल रहा है। उनके मुताबिक एथनॉल गन्ने, मक्का और दूसरी फसलों से तैयार होता है और कई देशों में इसका इस्तेमाल पहले से हो रहा है।
E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथनॉल मिलाया जाता है। केंद्र सरकार इसे पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने और देश में जैव ईंधन को बढ़ावा देने की नीति का हिस्सा बताती है। दूसरी ओर, AAP इस बात पर सवाल उठा रही है कि पुराने वाहनों पर E20 का क्या असर पड़ रहा है।
फिलहाल E20 को लेकर दिल्ली में सियासी घमासान तेज हो गया है। केजरीवाल इसे आम वाहन मालिकों की परेशानी का मुद्दा बता रहे हैं, जबकि बीजेपी इसे किसानों और देश की ऊर्जा नीति से जोड़कर देख रही है। अब नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार AAP की याचिकाओं और E20 को लेकर उठ रही चिंताओं पर क्या जवाब देती है।