नई दिल्ली

‘हिट मारने वाले गलतफहमी में हैं’, अवध ओझा ने CJP को दिया ज्ञान; बोले-100 लोग ही बैठें अनशन पर, बाकी घरों में लगाएं झंडा

Avadh Ojha Cockroach Janta Party: प्रसिद्ध शिक्षक अवध ओझा ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को सफलता का मंत्र देते हुए हिंसा से बचने और हर घर में कॉकरोच का झंडा लगाने का अनोखा सुझाव दिया है।

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Avadh Ojha Cockroach Janta Party
अवध ओझा ने CJP को दिया ज्ञान, फोटो, सोर्स- IANS

CJP Jantar Mantar Protest 2026: मशहूर कोचिंग शिक्षक और आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता अवध ओझा का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है। इस वीडियो में अवध ओझा हाल ही में चर्चा में आई 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) को राजनीति और आंदोलन में सफलता के कई दिलचस्प और गंभीर सुझाव देते नजर आ रहे हैं। चुनावी राजनीति से दूरी बनाने वाले ओझा ने CJP को साफ तौर पर हिंसा और अराजकता से दूर रहने की नसीहत दी है और सत्य व अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश बदलने का 'ज्ञान' दिया है।

'संवैधानिक तरीके से काम करना, बचपना मत करना'

वीडियो में अवध ओझा ने कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और देश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी से मैं कहूंगा कि जितने भी काम करना, संवैधानिक तरीके से करना। किसी के बहकावे या भड़कावे में मत आना, यह तुम्हारा देश है। बहुत आराम से तुम संवैधानिक ढंग से इस देश को बदल सकते हो। हर घर में कॉकरोच है। इसलिए यदि कोई यह सोचेगा कि 'हिट' (Hit- पेस्टिसाइड) मार देंगे, तो वह गलतफहमी में है। कॉकरोचों की बात सुननी ही पड़ेगी।'

ओझा ने पार्टी को लोकतांत्रिक मर्यादा में रहने की सलाह देते हुए सचेत किया कि यदि आंदोलन में कोई भी अराजक या बचकानी गलती हुई, तो यह बेहतरीन आंदोलन शुरू होने से पहले ही कुचल दिया जाएगा।

जंतर-मंतर पर 100 लोग बैठें: अवध ओझा

6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन के बाद अवध ओझा ने पार्टी को अलग तरह की रणनीति अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बड़ी भीड़ जुटाने के बजाय प्रतीकात्मक आंदोलन ज्यादा प्रभावी हो सकता है। ओझा के मुताबिक, जंतर-मंतर पर केवल 100 प्रमुख लोग अनशन पर बैठें, जबकि देशभर के समर्थक अपने-अपने घरों पर कॉकरोच के निशान वाला झंडा लगाएं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में संख्या का महत्व सबसे ज्यादा होता है और यदि किसी शहर या जिले के बड़ी संख्या में घरों पर एक ही प्रतीक का झंडा दिखाई देने लगे, तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों का ध्यान स्वतः उस ओर जाएगा। ओझा ने दावा किया कि ऐसी स्थिति में नेताओं पर जनता की भावना समझने और अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने का दबाव बढ़ सकता है।

Updated on:
08 Jun 2026 12:40 pm
Published on:
08 Jun 2026 12:27 pm