
सरकार मानसून सत्र में आगे बढ़ा सकती है परिसीमन बिल का मुद्दा | फोटो सोर्स- ANI
Parliament Monsoon Session 2026: संसद में पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध आखिरकार पूरी तरह समाप्त हो गया है। विपक्ष और छात्रों के भारी विरोध के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब संसद का कामकाज सुचारू रूप से होने की उम्मीद है। पहले हफ्ते में हंगामे के कारण विधायी काम पूरी तरह ठप रहे थे, लेकिन अब मोदी सरकार मानसून सत्र के बचे हुए दिनों में अपने विधायी एजेंडे को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार ध्यान महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद से पारित कराना है, लेकिन चर्चा है कि मोदी सरकार परिसीमन विधेयक के मुद्दे को कुछ समय के लिए आगे बढ़ा सकती है।
साल 2024 के मौजूदा कानून में बड़े बदलाव करते हुए इस नए संशोधन विधेयक में जांच से लेकर अदालती फैसले तक के लिए बेहद सख्त समय-सीमा तय की जा रही है। कानून की कमियों को दूर करने के लिए इसमें सात प्रमुख संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं, जिसके तहत अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का अधिकार होगा। इन अदालतों में मामलों की रोजाना सुनवाई होगी और चार्जशीट दाखिल होने के सिर्फ 3 महीने के अंदर केस का निपटारा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके साथ ही पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच को अब लंबा नहीं खींचा जा सकेगा और किसी भी हाल में 2 महीने के भीतर पूरी जांच प्रक्रिया को खत्म करना होगा। देश के अलग-अलग राज्यों में फैले बड़े परीक्षा घोटालों की गहराई से जांच के लिए केंद्र सरकार के पास स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित करने का सीधा अधिकार रहेगा। इस बार संगठित तरीके से पेपर लीक कराने वाले गिरोहों, मिलीभगत करने वाले कोचिंग संस्थानों और सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए पहले से कहीं अधिक सख्त जेल की सजा और भारी आर्थिक जुर्माने का प्रावधान शामिल किया गया है। साथ ही परीक्षा में धांधली से जुड़े मामलों को अदालत में मजबूती से रखने के लिए राज्य सरकारें विशेष सरकारी वकील भी नियुक्त कर सकेंगी।
विपक्ष के हंगामे के कारण मानसून सत्र के पहले हफ्ते में केवल दो ही विधेयक पेश हो सके थे। लेकिन अब सरकार के पास कई जरूरी कानूनों की लिस्ट तैयार है, जिसमें आने वाले दिनों में आयकर (संशोधन) विधेयक 2026, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (MSME) संशोधन विधेयक 2026, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 तथा विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को संसद में रखा जा सकता है। संसद का यह मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था, जो 13 अगस्त तक चलेगा।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर पिछले 37 दिनों से देश में चल रहा बड़ा आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनशन और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में चल रहे इस प्रदर्शन के बाद, विपक्ष और छात्रों की प्रमुख मांग को मानते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की प्रदर्शनकारियों के साथ हुई बातचीत के बाद संसद के सोमवार से सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है।
Updated on:
26 Jul 2026 01:10 pm
Published on:
26 Jul 2026 01:04 pm
