
Delhi fire tragedy: देश की राजधानी दिल्ली का दर्दनाक अग्निकांड जिसने सबकी रूंह कपा दी थी। हादसे में हुई 21 लोगों की मौत ने हर किसी का दिल दहला दिया था। 21 में से 8 मौतें गुरुग्राम के ही एक परिवार की हुई थी। जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम में रहने वाला पूरा परिवार कैंसर से जूझ रहे पिता से मिलने के लिए दिल्ली आया था, लेकिन किसे पता था पिता को ठीक करके घर ले जाने की उम्मीद सिर्फ उम्मीद ही बनकर रह जाएगी। अब सीए विवेक अग्रवाल के पिता का भी निधन हो गया है। जो की दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे। सीए विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी, दो बेटियां और मां समेत आठ रिश्तेदार पहुंचे थे उनसे मिलने के दिल्ली पहुंचे थे। कैंसर से झूज रहे पिता जो की परिवार के आखिरी सदस्य बचे थे अब वो भी नहीं रहे। 9 जून को उसी के आखिरी सदस्य यानी सीए के पिता की भी मौत हो गई है।
दिल्ली के मालवीय नगर के होटल में लगी भीषण आग ने गुरुग्राम के एक हंसते-खेलते परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ दी। जिस परिवार ने अपने बुजुर्ग पिता की अंतिम घड़ियों में उनके साथ रहकर उनको हिम्मत देने का फैसला करके उनसे मिलने का विचार बनाया था। वो पूरा परिवार ही दिल्ली में लगी आग की चपेट में आ गया। हादसे के बाद पूरा परिवार खत्म हो गया। सिर्फ कैंसर के पीड़ित पिता आखिरी सदस्य थे जिनका दिल्ली के मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा था। मंलवार को विवेक के पिता राधेश्याम अग्रवाल का भी निधन हो गया है।
गुरुग्राम के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार ही खत्म हो गया। पिता राधेश्याम से मिलने के लिए सीए विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी, दो बेटियां और मां समेत आठ रिश्तेदार पहुंचे थे। बेटियों को परिवार प्यार से एंजल और पर्ल भी बुलाया जाता था। साथ ही मौसा जवरी लाल, मौसी कमला और मामा अशोक पंसारी की भी मौत हुई है। आपको बता दें कि उनके मौसा-मौसी राजस्थान के अजमेर से आए थे, जबकि मामा किशनगंज से आए थे। दिल्ली के मैक्स अस्पताल में वेंटिलेटर पर मौजूद राधेश्याम अग्रवाल को अस्पताल में देखने के लिए सभी दिल्ली पहुंचे थे। इसी दौरान वे होटल फ्लोरिश में रुके थे और हादसे का शिकार हो गए।