नई दिल्ली

‘मेरे पति जिंदा हैं’, होर्मुज के पास लापता नाविक की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

Captain Ashish Kumar Supreme Court: ओमान हमले के बाद लापता कैप्टन आशीष कुमार की पत्नी पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट। DNA जांच नेगेटिव आने और फिरौती की कॉल मिलने के बाद कहा- 'पति जीवित हैं और अवैध कस्टडी में हैं'।
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Captain Ashish Kumar Supreme Court
होर्मुज के पास लापता नाविक की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

Ashish Kumar Merchant Navy Oman: ईरान युद्ध की शुरुआत में ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर पर हुए मिसाइल हमले के बाद लापता हुए मर्चेंट नेवी कैप्टन आशीष कुमार के मामले में नया मोड़ आ गया है। कैप्टन आशीष की पत्नी अंशु ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' याचिका दाखिल कर दावा किया है कि उनके पति जीवित हैं और उन्हें किसी विदेशी गिरोह या संगठन ने अवैध हिरासत में रखा हुआ है। अंशु ने याचिका में यह भी खुलासा किया है कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल आई हैं, जिसमें कैप्टन की रिहाई के बदले 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई है।

'मृत या जीवित?'

बिहार के बेतिया के रहने वाले 37 साल के कैप्टन आशीष कुमार 1 मार्च को ओमान के खसाब बंदरगाह के पास खड़े तेल टैंकर 'स्काई लाइट' पर हुए मिसाइल हमले के बाद से लापता हैं। भारतीय दूतावास के अनुसार, हमले के वक्त जहाज पर 10 भारतीय नाविक मौजूद थे। आठ नाविकों को ओमान प्राधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया था, लेकिन कैप्टन आशीष और क्रू मेंबर दलीप (जो इंजन रूम में मौजूद थे) लापता हो गए थे। 4 मार्च को ओमानी तटरक्षक बल को कैप्टन के कमरे से जली हुई खोपड़ी और हड्डियों के अवशेष मिले थे, जिन्हें दूतावास ने अंदाजन कैप्टन आशीष का बताया था।

DNA रिपोर्ट से बड़ा खुलासा

कैप्टन के परिवार ने मौत के दावों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। अब याचिका में पेश वैज्ञानिक साक्ष्यों ने परिवार के दावे पर मुहर लगा दी है। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने 15 मई 2026 को परिवार को सूचित किया कि बरामद अवशेषों का कैप्टन के भाई के DNA सैंपल से मिलान नेगेटिव आया है। ओमान पुलिस की फॉरेंसिक रिपोर्ट में भी बरामद हड्डियों से कोई मानव डीएनए (Human DNA) प्राप्त नहीं हुआ, जिससे उनकी मौत की धारणा खारिज हो गई।

व्हाट्सएप मैसेज और फिरौती की कॉल बने आधार

याचिका में कैप्टन के जीवित होने के समर्थन में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि हमले वाले दिन, जहाज पर हमला होने के तीन घंटे से अधिक समय बाद भी कैप्टन के दूसरे मोबाइल नंबर पर भेजा गया व्हाट्सएप संदेश सफलतापूर्वक डिलीवर हुआ था, जिससे साफ है कि फोन चालू था। 4 मार्च 2026 को पत्नी के पास अंतरराष्ट्रीय और घरेलू नंबरों से कॉल आए। फोन करने वालों ने कैप्टन आशीष को अपनी कस्टडी में होने का दावा करते हुए 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी।

परिवार की सुप्रीम कोर्ट से गुहार

कैप्टन आशीष की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) को निर्देश देने की मांग की है कि वे सभी राजनयिक, दूतावासीय और खुफिया चैनलों का उपयोग करके कैप्टन आशीष कुमार का पता लगाएं और उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाएं।

Updated on:
04 Aug 2026 02:44 pm
Published on:
04 Aug 2026 02:44 pm