दीपके ने जोर देते हुए कहा कि नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के खिलाफ चला 37 दिनों का आंदोलन केवल शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने व्यापक सामाजिक और संस्थागत सुधारों की मांग को जन्म दिया। CJP के भविष्य के रोडमैप का खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि संगठन अब केवल छात्र मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार की एथेनॉल-ब्लेंडिंग फ्यूल पॉलिसी, देश में तेजी से बढ़ती बेरोजगारी और कई राज्यों में प्रशासनिक कमियां जैसे गंभीर विषयों को भी प्रमुखता से उठाएगा।