
जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला: CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और सौरभ दास के खिलाफ POCSO एक्ट में शिकायत दर्ज, फोटो सोर्स- ANI
Sourav Das CJP Jantar Mantar protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए नीट (NEET) पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में 12 साल के बच्चे को शामिल करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरभ दास और अन्य आयोजकों के खिलाफ पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में जीरो FIR दर्ज करने के लिए शिकायत सौंपी है।
अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने शिकायत में POCSO (पॉक्सो) एक्ट की धारा 13, 14 और 15 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 153 का हवाला दिया है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान एक 12 साल के बच्चे की मौजूदगी पर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि CJP आयोजकों ने प्रदर्शन के बाद वीडियो जारी कर दावा किया था कि पुलिस ने नाबालिग लड़कियों पर बल प्रयोग किया। वकील का कहना है कि इतने छोटे बच्चे को प्रदर्शन में कौन लाया और इसकी गहन जांच की जानी चाहिए।
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन की फंडिंग के स्रोत को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस प्रदर्शन के आयोजन के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत, खर्च और वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही, प्रदर्शन के आयोजकों और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी विस्तृत जांच की मांग की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कार्यक्रम के आयोजन में किसी नियम या कानून का उल्लंघन तो नहीं हुआ। हालांकि, शिकायत में लगाए गए ये आरोप फिलहाल केवल शिकायतकर्ता के दावे हैं। इनकी अभी तक किसी अदालत, जांच एजेंसी या अन्य स्वतंत्र प्राधिकरण द्वारा पुष्टि नहीं की गई है और मामले में जांच की प्रक्रिया जारी है।
फिलहाल यह मामला केवल पुलिस शिकायत के स्तर पर है और औपचारिक रूप से नियमित FIR दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस शिकायत पर अभिजीत दीपके, सौरभ दास या कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से अभी तक कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
Updated on:
05 Aug 2026 01:10 pm
Published on:
05 Aug 2026 01:10 pm
