
Cockroach Janata Party: देश में नीट (NEET) समेत कई बड़ी परीक्षाओं में हुई धांधली को लेकर छात्रों का गुस्सा अब सड़कों पर फूटने को तैयार है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है। आंदोलन के 20वें दिन पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर बताया कि संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन, यानी 20 जुलाई को देश भर के छात्र, अभिभावक और आम नागरिक मिलकर जंतर-मंतर से संसद तक एक बड़ा शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे।
इस आंदोलन को सबसे बड़ा सहारा मिला है देश के जाने-माने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का, जो पिछले 11 दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। वांगचुक ने देश के युवाओं और नागरिकों को झकझोरते हुए एक बेहद भावुक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने सोफे पर बैठकर सोशल मीडिया पर ज्ञान देने वालों पर तीखा तंज कसा है।
वांगचुक ने कहा कि देशभर से सैकड़ों लोग मुझे अनशन तोड़ने के लिए कह रहे हैं। मेरे लिए यह बहुत आसान है। घर चला जाऊंगा, खाना-पीना शुरू कर दूंगा। लेकिन क्या ऐसा करने से रिया और आकांक्षा जैसे उन 20 मासूम बच्चों की मौत रुक जाएगी, जिन्होंने सिस्टम से हारकर आत्महत्या कर ली? शायद आपको फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि दम तोड़ने वाली रिया आपके घर की बेटी या बहन नहीं थी।
ऐसे में सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है। मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, 11 दिनों में उनका वजन 7 किलो घटकर महज 59.40 किलोग्राम रह गया है। इसके बावजूद उनका हौसला नहीं डिगा है। उन्होंने साफ कहा कि वे अगले 10-12 दिन और डटे रह सकते हैं, लेकिन देश के भविष्य और लद्दाख-हिमालय के पर्यावरण को बचाने के लिए अब जनता को जागना होगा।
उन्होंने अपील की है कि अगर आप सच में चाहते हैं कि मैं जिंदा रहूं और यह सिस्टम सुधरे, तो सोफे से उठिए। 20 जुलाई को दिल्ली आइए और मेरे साथ संसद मार्च का हिस्सा बनिए, ताकि हमारी आवाज सीधे सांसदों के कानों तक पहुंचे।
CJP और सोनम वांगचुक की मांग बेहद साफ है। पेपर लीक और धांधली की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री तुरंत इस्तीफा दें, पीड़ित छात्रों को न्याय मिले और देश में एक पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू हो। अब देखना यह है कि 20 जुलाई को दिल्ली की सड़कों पर छात्रों का यह सैलाब क्या नया मोड़ लेकर आता है।