नई दिल्ली

CJP Protest: प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े, पथराव किया, घायल सब इंस्पेक्टर-एएसआई-हेड कांस्टेबल ने सुनाई आपबीती

Delhi Protest Violence: नई दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस के कई जवान घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों ने बताया कि बैरिकेड तोड़ने और पथराव की घटनाओं में उन्हें चोटें आईं, जिसके बाद उनका अस्पताल में इलाज कराया गया।
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CJP Protest 2026
आपबीती सुनाते पुलिसकर्मी। फोटो- आईएएनएस

CJP Protest In Delhi नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को आयोजित सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में पुलिस के कई जवान घायल हो गए। प्रदर्शन के दौरान कथित पथराव और बैरिकेड तोड़ने की घटनाओं में घायल हुए दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर श्रीनिवास शर्मा, एएसआई दत्ता भरणे और हेड कांस्टेबल नवीन ओला ने आपबीती सुनाई। दोनों पुलिसकर्मियों ने दावा किया कि भीड़ को कई बार समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें कई जवान घायल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने नहीं माना आदेश

घायल सब इंस्पेक्टर श्रीनिवास शर्मा और एएसआई दत्ता भरणे ने बताया कि सोमवार सुबह उनकी ड्यूटी जंतर-मंतर के पास रेड लाइट पर धरना-प्रदर्शन स्थल पर बैरिकेडिंग पर लगाई गई थी। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोग वहां जमा होने लगे और देखते ही देखते करीब आठ से दस हजार लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बार-बार समझाया कि उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं है। चेतावनी भी दी गई कि यदि उन्होंने आदेशों का पालन नहीं किया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद भीड़ नहीं मानी और पहले सुरक्षा घेरे की बैरिकेडिंग को जबरन तोड़ दिया।

बैरिकेडिंग तोड़ी

सब-इंस्पेक्टर श्रीनिवास शर्मा ने कहा कि मेरे राइट हैंड में घाव है और राइट लेग में घुटने में फ्रैक्चर है। अभी डॉक्टर ने बोला है कि कम से कम आपको सवा से डेढ़ महीना ठीक होने में लगेगा। मेरे साथ वहां सीनियर अफसर थे और हमारे पुलिसकर्मी साथी थे। वहीं दत्ता भरणे ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिसकर्मी दूसरे सुरक्षा घेरे पर पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने वहां की बैरिकेडिंग भी तोड़ दी। इसके बाद पुलिस ने संसद मार्ग थाने के सामने तीसरे बैरिकेड पर मोर्चा संभाला। वहां भी प्रदर्शनकारियों को शांत करने और रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन स्थिति अचानक हिंसक हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया गया। इस पथराव में कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए।

सिर पर लगी गंभीर चोट

इसी दौरान भीड़ के भीतर से किसी ने उनके सिर पर पत्थर फेंका, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी। घायल होने के बाद उनके साथी पुलिसकर्मी उन्हें पीसीआर वाहन से तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उनके सिर पर दो टांके लगाए और उपचार के बाद शाम को अस्पताल से छुट्टी दे दी। एएसआई भरणे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्व भी भीड़ में शामिल थे, जिन्होंने न तो पुलिस की बात सुनी और न ही कथित रूप से प्रदर्शन के आयोजकों की अपील मानी। कई जगह पुलिसकर्मियों पर सामूहिक रूप से हमला किया गया। घटना के वीडियो उपलब्ध हैं, जिनमें पूरी घटना देखी जा सकती है।

अचानक उग्र हुई भीड़

वहीं, प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल नवीन ओला ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ अचानक उग्र हो गई और पुलिस की स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश विफल हो गईं। पुलिसकर्मी विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित रखते हुए भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि पत्थर लगने से उनके सिर में गंभीर चोट आई।

सिर पर तीन टांके आए

उन्होंने कहा कि घायल होने के बाद उन्हें पीसीआर वाहन से आरएमएल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज किया गया। उनके सिर पर तीन टांके लगाए गए और रात करीब 10 से 11 बजे के बीच अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इलाज के दौरान दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें पुलिस आयुक्त भी शामिल थे, अस्पताल पहुंचे और घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें हौसला दिया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

Updated on:
21 Jul 2026 06:50 pm
Published on:
21 Jul 2026 06:49 pm