
Delhi excise policy case: दिल्ली की सियासत में एक बार फिर तीखा टकराव देखने को मिल रहा है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज यानी सोमवार को जस्टिस स्वर्णकांता को पत्र लिखकर कहा कि वह इस केस की सुनवाई के लिए अब कोर्ट में पेश नहीं होंगे और न ही उनकी तरफ से कोई वकील कोर्ट में पेश होगा। आगे उन्होंने लिखा कि उन्होंने अब उम्मीद छोड़ दी है कि इस मामले में उन्हें न्याय मिल पाएगा। केजरीवाल के इसी बयान पर बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल पर निशाना साधा है और मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने केजरीवाल पर खूब तंज कसे हैं।
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि हैरान करने वाली बात तो यह है कि अब आरोपी खुद तय करने लगे कि उसे कोर्ट में जाना है या नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल इस पूरे मामले को राजनीतिक एंगल दे रहे हैं। सचदेवा के अनुसार अदालत को चिट्ठी लिखना और जज पर इस तरह की टिप्पणी करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि केजरीवाल तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, ऐसे में उन्हें अपनी जिम्मेदारी और मर्यादा समझनी चाहिए, लेकिन वे लगातार सीमाएं लांघ रहे हैं और आबकारी घोटाले के आरोपी होने के बावजूद इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी मामले में दोषी या निर्दोष होने का फैसला सिर्फ अदालत ही करती है, कोई व्यक्ति खुद यह तय नहीं कर सकता। उन्होंने याद दिलाया कि हाई कोर्ट पहले ही याचिका खारिज कर चुका है, ऐसे में इस तरह के बयान देना गलत है। उनका आरोप है कि केजरीवाल अपने ऊपर लगे आरोपों से बचने के लिए न्यायाधीश पर व्यक्तिगत टिप्पणी कर रहे हैं।
केजरीवाल के अपने बयान में गांधी जी के नाम के इस्तेमाल पर भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने तो शराब की दलाली करने को नहीं कहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल गांधी जी के सिद्धांतों की बात तो करते हैं, लेकिन उनके काम उन आदर्शों के खिलाफ नजर आते हैं। उनका कहना है कि गांधी जी ने हमेशा नियमों और संविधान की मर्यादा का पालन किया, जबकि इस तरह के बयान देकर उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
आज सुबह ही केजरीवाल ने अपने ऑफिशियल X हैंडल पर पोस्ट डालते हुए आबकारी नीति मामले की सुनवाई से जुड़े बड़े ऐलान किए। केजरीवाल ने कहा कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से न्याय मिलने की उनकी उम्मीद टूट चुकी है। केजरीवाल ने कहा कि वह अपनी अंतरात्मा की सुनकर यह फैसला ले रहे हैं और अब वह महात्मा गांधी के सिद्धांतों और सत्याग्रह की भावना का पालन करेंगे। साथ ही इस मामले की किसी सुनवाई के लिए न तो खुद कोर्ट में पेश होंगे और न उनकी तरफ से कोई वकील पेश होगा।
इस मामले में केजरीवाल जस्टिस स्वर्णकांता की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं। उनका कहना है कि जस्टिस RSS से जुड़े कार्यक्रमों में चार बार दिख चुकी हैं। केजरीवाल का कहना है कि वह उस विचारधारा से जुड़ी हैं, जिसका उनकी पार्टी विरोध करती है, इस वजह से वह उनके पक्ष में फैसला नहीं लेंगी। केजरीवाल के अनुसार, इस केस में सीबीआई केंद्र सरकार के तहत काम कर रही है और जज के दोनों बच्चे सरकारी वकीलों के पैनल में हैं। उनका दावा है कि इससे केस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।