Summer Kit for Workers: भीषण गर्मी के बीच दिल्ली सरकार ने निर्माण मजदूरों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एक लाख श्रमिकों को ORS, सत्तू, ग्लूकोज, सन कैप और पानी की बोतल जैसी जरूरी चीजों वाली समर किट बांटी जाएगी।
Delhi Heatwave: दिल्ली में लगातार बढ़ रही गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए सरकार ने कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के लिए बड़ा कदम उठाया है। राजधानी में काम करने वाले करीब एक लाख मजदूरों को स्पेशल समर किट दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य भीषण गर्मी के बीच काम कर रहे मजदूरों को तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच थोड़ी राहत देना है। सरकार का मानना है कि वर्कर्स खुले में लंबे समय तक काम करते हैं, इस वजह से गर्मी की सबसे ज्यादा मार वही लोग झेलते हैं। इसी कारण से यह किट उनके लिए जरूरी मानी जा रही है।
दिल्ली में मई के महीने में ही जून जैसी तपती गर्मी पड़ रही है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। सुबह से ही चिलचिलाती धूप निकल रही है और दोपहर होते-होते सड़कें लगभग सुनसान नजर आने लगती हैं। बढ़ती गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग (IMD) ने 22 मई तक येलो अलर्ट जारी कर रखा है। पिछले दो दिनों में दिल्ली का तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार की तरफ से दी जाने वाली इस किट में मजदूरों की जरूरत का पूरा ध्यान रखा गया है। इसमें ग्लूकोज पाउडर, ORS के पैकेट, सत्तू, सूती गमछा, सन कैप, घमौरियों का पाउडर, पानी की बोतल और शरबत कॉन्संट्रेट जैसी चीजें शामिल हैं। इन सभी सामानों को एक मजबूत बैकपैक में रखा जाएगा, ताकि मजदूर इसे आसानी से अपने साथ लेकर काम पर जा सकें और गर्मी से खुद को बचा सकें।
अधिकारियों के अनुसार एक समर किट तैयार करने और उसे मजदूर तक पहुंचाने में करीब 1,890 रुपये खर्च होंगे। समर किट खरीदने और मजदूरों तक पहुंचाने के लिए दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए एक सरकारी कंपनी चुनने के लिए टेंडर भी जारी किया गया है।
सरकार की यह योजना हीटवेव एक्शन प्लान के तहत शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य है कि भीषण गर्मी में काम करने वाले मजदूर डिहाइड्रेशन, थकान और हीट स्ट्रेस जैसी परेशानियों से बचे रहें। अधिकारियों का कहना है कि गर्मियों के सबसे ज्यादा गर्म महीनों में इन किटों का वितरण किया जाएगा। इससे मजदूरों को काम करते समय शरीर में पानी और ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सरकार ने कहा है कि सबसे पहले उन मजदूरों को ये किट दी जाएगी जो अभी निर्माण साइट्स पर काम कर रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने माना कि इस समय दिल्ली में कितने मजदूर अलग-अलग जगहों पर काम कर रहे हैं, इसका पूरा सही रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। इसलिए DBOCWW बोर्ड के पास जो सक्रिय और रजिस्टर मजदूरों का डेटा है, उसी के आधार पर तय किया गया है कि किन लोगों को इस योजना का फायदा मिलेगा।
बजट और व्यवस्था को देखते हुए फिलहाल 25 प्रतिशत सक्रिय मजदूरों को इस योजना में शामिल करने का अनुमान लगाया गया है। सरकार मान रही है कि आगे चलकर इसे और बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है।