नई दिल्ली

दिल्ली MCD में BJP की बढ़ेगी ताकत, IVP के 16 पार्षद होंगे शामिल, जानें विलय के पीछे की गणित

Delhi MCD BJP: दिल्ली MCD में बीजेपी की ताकत बढ़ने जा रही है। IVP के 16 पार्षद आज बीजेपी में शामिल होंगे। जानिए इस विलय के पीछे की वजह और इससे MCD की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा।
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IVP BJP Merger
बीजेपी में IVP के 16 पार्षद होंगे शामिल (Photo-IANS)

IVP BJP Merger: दिल्ली नगर निगम (MCD) की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर बनी इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) के 16 पार्षद आज बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। इस विलय के बाद MCD में बीजेपी की ताकत और बढ़ जाएगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में दिल्ली बीजेपी कार्यालय में IVP का औपचारिक विलय होगा। इसके साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि बीजेपी वार्ड कमेटियों के चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन पद के उम्मीदवारों का भी ऐलान कर सकती है।

विलय के पीछे का कारण

IVP के बीजेपी में शामिल होने के पीछे बड़ा सियासी गणित भी माना जा रहा है। दिल्ली में अगले साल एमसीडी के चुनाव होने वाले हैं। ऐसा माना जा रहा कि पार्टी अभी से अपनी मजबूत पकड़ करने में जुटी है। वहीं IVP के पार्षद भी अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं। माना जा रहा है कि अलग पार्टी के दम पर अगला चुनाव जीतना उनके लिए आसान नहीं होता। ऐसे में बीजेपी का साथ मिलने से उनके लिए चुनावी रास्ता आसान हो जाएगा और आगे चलकर टिकट मिलने की उम्मीद भी बढ़ जाएगी।

IVP नेताओं को मिल सकती हैं जिम्मेदारियां

बीजेपी में शामिल होने के बाद IVP के कई नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। चर्चा है कि कुछ पार्षदों को वार्ड कमेटियों में चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन बनाया जा सकता है। इसके अलावा जोन और स्थायी समिति में भी उन्हें जगह मिलने की संभावना है। सूत्रों की मानें तो IVP के प्रमुख मुकेश गोयल को MCD की तदर्थ या विशेष समिति का चेयरमैन बनाया जा सकता है। वहीं सह-प्रमुख हेमचंद्र गोयल को सेंट्रल जोन से स्थायी समिति का सदस्य बनाया जा सकता है। मनोनीत पार्षद मनोज जैन को भी डिप्टी चेयरमैन पद की जिम्मेदारी मिल सकती है।

AAP से अलग होकर बनी थी IVP

आपको बता दें कि फरवरी 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार के कुछ महीने बाद पार्टी को बड़ा झटका लगा था। सत्ता से बाहर होने के बाद AAP के 16 पार्षदों ने पार्टी छोड़कर इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) का गठन कर लिया था। इस़का असर MCD की राजनीति पर भी पड़ा था। वार्ड कमेटियों और स्थायी समिति के चुनावों का पूरा समीकरण बदल गया था। मेयर पद हाथ से निकलने के बाद आम आदमी पार्टी की स्थायी समिति में भी पकड़ कमजोर पड़ गई थी और उसकी दावेदारी भी लगभग खत्म हो गई थी।

किन-किन जोन के पार्षद होंगे शामिल?

बीजेपी में शामिल होने वाले 16 पार्षद दिल्ली के अलग-अलग जोन से हैं। इनमें नरेला से 2, सिविल लाइंस से 1, रोहिणी से 2, सिटी एसपी जोन से 1, करोल बाग से 1, पश्चिमी जोन से 3, सेंट्रल जोन से 1, साउथ जोन से 3 और शाहदरा साउथ जोन से 2 पार्षद हैं। इन पार्षदों के आने के बाद MCD के ज्यादातर जोन में बीजेपी की स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत मानी जा रही है।