
Delhi Metro Phase 4 Update: दिल्लीवालों के लिए एक बहुत अच्छी खबर है। दिल्ली मेट्रो के फेज चार में तीन नए रूट्स पर काम बड़ी तेजी से चल रहा है। इन नए रास्तों के खुलने के बाद दिल्ली की रफ्तार दोगुनी होने वाली है। सबसे अच्छी बात ये होगी कि जिस सफर को तय करने में आज लोगों को ट्रैफिक की वजह से डेढ़ से दो घंटे का समय लग जाता है, वही सफर आने वाले दिनों में महज 30 से 40 मिनट में पूरा हो जाएगा। जिससे लोगों का कीमती समय बचने के साथ ही सड़को पर लगने वाला कई घंटे के जाम से भी राहत मिलेगी।
पहला रूट जो की मैजेंटा लाइन का है जो जनकपुरी पश्चिम से सीधे आरके आश्रम मार्ग तक जाएगा। करीब 29 किलोमीटर लंबा यह रास्ता बाहरी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के लोगों के लिए आरामदायक होने वाला है। इसके बनने से पीरागढ़ी, मंगोलपुरी, वेस्ट एनक्लेव, मधुबन चौक, प्रशांत विहार और हैदरपुर बादली मोड़ जैसे इलाके मजलिस पार्क और आजादपुर होते हुए सीधे सेंट्रल दिल्ली से जुड़ जाएंगे। यानी इन इलाकों के लोग बिना किसी झंझट के सीधे दिल्ली आरके आश्रम मार्ग तक पहुंच सकेंगे।
दूसरा रूट एक बिल्कुल नई लाइन है जिसे गोल्डन लाइन नाम दिया गया है। करीब 23 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर तुगलकाबाद से सीधे एयरोसिटी को जोड़ेगा। इस रूट के बनने से साउथ दिल्ली के लोगों को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट जाना बेहद आसान हो जाएगा। इसके रास्ते में तुगलकाबाद, साकेत जी ब्लॉक, खानपुर, छतरपुर और महरौली जैसे बड़े इलाके आएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा तुगलकाबाद और फरीदाबाद की तरफ से एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को मिलेगा, जिन्हें अब घंटों ट्रैफिक में नहीं फंसना पड़ेगा।
तीसरा और आखिरी रूट पिंक लाइन का हिस्सा है, जो मजलिस पार्क से मौजपुर तक जाएगा। हालांकि यह सिर्फ 7 किलोमीटर का एक छोटा सा टुकड़ा है, लेकिन दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क के लिए यह बहुत जरूरी है क्योंकि यह पिंक लाइन के पूरे घेरे को मुकम्मल करेगा। इसके चालू होते ही उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वो इलाके जो अब तक मेट्रो से दूर थे, जैसे कि बुराड़ी, झरोदा और वजीराबाद, सीधे मेट्रो की लाइन पर आ जाएंगे और वहां के लोगों का सफर बेहद अच्छा हो जाएगा।
फेज चार के ये तीनों कॉरिडोर दिल्ली के उन कोनों को आपस में जोड़ देंगे जहां अभी तक कनेक्टिविटी बहुत खराब थी। खासकर मंगोलपुरी, बुराड़ी और वजीराबाद जैसी आउटर दिल्ली की जगहों से जो लोग रोजाना नौकरी या बिजनेस के लिए सेंट्रल या साउथ दिल्ली आते हैं, उनकी रोज-रोज की भागदौड़ और थकान कम हो जाएगी। मेट्रो आने से सड़कों पर गाड़ियों का लोड कम होगा, जिससे प्रदूषण और ट्रैफिक जाम दोनों से दिल्लीवालों को हमेशा के लिए आजादी मिल जाएगी।