
Delhi Metro woman harassment: दिल्ली मेट्रो में सफर कर रही एक महिला ने अपने साथ हुई एक हैरान करने वाली घटना सोशल मीडिया पर साझा की है। महिला का कहना है कि वह जींस और फुल-स्लीव कॉर्सेट टॉप पहनकर मेट्रो में यात्रा कर रही थी। इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला ने उसके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। महिला ने बताया कि जब उसे पहली बार बुजुर्ग महिला नेे पीछे से मारा तो पहले उसे लगा कि गलती से हुआ होगा लेकिन जब उसी महिला ने दोबारा उसे पीछे से मारा और गालियां देने लगी, तब उसे एहसास हुआ कि यह जानबूझकर किया जा रहा है।
महिला ने अपनी आपबीती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म थ्रेड्स पर साझा करते हुए बताया कि वह दिल्ली मेट्रो में जींस और फुल-स्लीव कॉर्सेट टॉप पहनकर सफर कर रही थी। उनके अनुसार उनके कपड़ों में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं था, फिर भी एक बुजुर्ग महिला ने कथित तौर पर उसके साथ बदसलूकी की। महिला ने दावा किया कि बुजुर्ग महिुला ने उसे पीछे से दो बार मारा। शुरुआत में उसने इसे गलती समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन बाद में वही महिला उसे गालियां देने लगी और पूरे सफर के दौरान लगातार बड़बड़ाती रही।
महिला ने बताया कि पूरे सफर के दौरान नाराजगी जताने और उसे परेशान करने वाली बुजुर्ग महिला बाद में अपनी सीट पर ही सो गई। इसी वजह से वह अपने स्टेशन पर उतर नहीं सकी और उसका स्टेशन छूट गया। महिलाने देखा कि बुजुर्ग महिला अचानक घबराकर नींद से जागी और स्टेशन मिस होने का एहसास होते ही परेशान हो गई।
यह पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर रिएक्शन दिए। कई यूजर्स ने महिला का समर्थन करते हुए कहा कि आज भी कुछ लोग दूसरों के कपड़ों को लेकर बेवजह टिप्पणी करते हैं और उन्हें जज करने लगते हैं। कुछ लोगों ने इसे महिलाओं के प्रति समाज में मौजूद पुरानी सोच से जोड़कर देखा। वहीं कई यूजर्स ने बुजुर्ग महिला का स्टेशन छूटने की घटना को लेकर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी और इसे "कर्म का फल" बताया।
कमेंट्स में कुछ लोगों ने सलाह दी कि ऐसे मामलों में बहस करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज करना ज्यादा सही होता है। उनका मानना था कि हर इंसान की सोच अलग होती है और हर बात का जवाब देना जरूरी नहीं है। हालांकि कई यूजर्स इससे सहमत नहीं दिखे। उनका कहना था कि अगर ऐसे व्यवहार का विरोध नहीं किया जाएगा, तो लोग आगे भी दूसरों को उनके कपड़ों और पसंद के आधार पर जज करते रहेंगे।