
DU प्रोफसर हत्याकांड में मर्डर के पीछे की वजह आई सामने
Debosmita Paul Case Update: दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर देवोस्मिता पॉल इन दिनों गर्मियों की छुट्टियों की तैयारियों में बिजी थीं। वो अपनी साथ काम करने वाली निधि गर्ग से बंगाल की मशहूर कांथा-वर्क साड़ी लाने का वादा कर रही थीं और अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ बंगाल जाने की प्लानिंग कर रही थीं। लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका यह सफर कभी शुरू ही नहीं हो पाएगा। पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एनक्लेव वाले फ्लैट में उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई और यह मर्डर किसी और ने नहीं किया बल्कि बंगाल से दिल्ली आए उनके किराएदार पति-पत्नी ने किया।
जांच में जो पता चला वो बेहद चौंका देने वाली बात है। देवोस्मिता का पश्चिम बंगाल के बर्धमान में एक पुश्तैनी मकान था, जिसमें यह आरोपी कपल किराए पर रहता था और हर महीने 11,500 रुपए किराया देता था। आरोपी का मकसद उस मकान को हड़पना था। लेकिन देवोस्मिता ने उनके इरादों पर पानी फैरते हुए दोनों को जून तक मकान किसी भी तरह खाली कर देने को कह दिया। यही बात आरोपियों को अच्छी नहीं लगी। इसके बाद बच्चे को ढाल बनाकर मकान खाली करने की भड़ास में उन्होंने प्रोफेसर को जान से मारने की साजिश रची। इसलिए वे अपने साथ हत्या के लिए भारी ओखली-मूसल और उस्तरा लेकर आए थे। सोसाइटी के गार्ड्स को उन पर शक न हो, इसलिए वे अपने 13 साल के बेटे को भी साथ लाए ताकि लोग उन्हें एक आम परिवार समझें।
4 जून की दोपहर को यह परिवार चेहरे पर सर्जिकल मास्क लगाकर देवोस्मिता के फ्लैट पर पहुंचा। देवोस्मिता ने शराफत दिखाते हुए उन्हें पीने के लिए पानी दिया। इसके बाद जब मकान खाली करने को लेकर बहस बढ़ी, तो आरोपी पति ने ओखली से देवोस्मिता के सिर पर कई वार कर दिए। जब वे लहूलुहान होकर फर्श पर गिर गईं, तो जान लेने के लिए उस्तरे से उनकी कलाई काट दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए उन्होंने घर में ही अपने खून से सने कपड़े बदले और प्रोफेसर का मोबाइल लेकर भाग गए।
शिवाजी कॉलेज के प्रिंसिपल वीरेंद्र भारद्वाज ने दुख जताते हुए कहा कि देवोस्मिता उनकी बेटी जैसी थीं। वे कॉलेज की कल्चरल कमेटी और मैगजीन बोर्ड का अहम हिस्सा थीं। हालांकि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन कॉलेज का पूरा स्टाफ और स्टूडेंट्स इस बात से गहरे सदमे में हैं कि जो हंसती-खेलती प्रोफेसर कल तक उनके साथ थीं, वो अब इस दुनिया में नहीं हैं।
Published on:
10 Jun 2026 06:57 pm
बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
