Iran US Talk: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में 21 घंटे चली शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। इसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं और कांग्रेस नेताओं के बयान सामने आए हैं।
Iran US Talk: अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटों तक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता हुई। यह वार्ता ईरान-अमेरिका युद्ध को समाप्त करने और तनाव को कम करने के लिए की गई थी, लेकिन इस बैठक के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेड़ी वेंस ने घोषणा की कि वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं आ पाई है। यह बातचीत क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी मानी जा रही थी, क्योंकि दोनों देशों के बीच काफी समय से तनाव चल रहा है। इस बातचीत के असफल होने पर कांग्रेस नेता उदित राज और इमरान मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
दिल्ली के पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता उदित राज ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर शांति वार्ता विफल होती है, तो एक बार फिर युद्ध की स्थिति बन सकती है, जो मानवता के लिए बेहद खतरनाक होगी। आगे उन्होंने कहा कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच की टर्म्स और कंडिशन्स का खुलासा हो जाए तो इस वार्ता को लेकर कुछ टिप्पणी की जी सकती है।
उदित राज ने इस वार्ता के आयोजन को लेकर भी पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के नेतृत्व में इस बातचीत का आयोजन होना भारत के लिए झटका है। आगे उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जैसा आतंकवादी और आर्थिक रूप से कमजोर देश आज ग्लोबल लीडर बन गया है। वह अमेरिका जैसे महाशक्तियों को अपने यहां बैठा लेता है।
उदित राज ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से भारत की वैश्विक छवि को बहुत नुकसान पहुंचा है। एएनआई से बातचीत के दौरान उन्होंने आरएसएस और बीजेपी पार्टी के लिए ‘नंगा नाच’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह की कूटनीतिक सफलता भारत को मिलती, तो RSS और BJP नंगा नाच करते और राम से ऊपर मोदी को रख देते। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत को इस समय एक “बड़ी हार” का सामना करना पड़ा है, जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि अमेरिका-ईरान वार्ता असफल होने पर अच्छी बात यह है कि बातचीत का रास्ता अभी भी खुला हुआ है। उन्होंने कहा कि युद्ध किसी के लिए अच्छा नहीं होता और इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। साथ ही, उनका मानना है कि भारत को इस शांति वार्ता में अहम भूमिका निभानी चाहिए, जो देश के लिए गर्व की बात होगी।