
सूर्या हत्याकांड पर मौलाना साजिद रशीदी ने उठाए सवाल
Maulana Sajid Rashidi Statement On Asad: खोड़ा के सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी के पुलिस एनकाउंटर को लेकर अब सियासी और धार्मिक गलियारों में जमकर बयानबाजी हो रही है। अखिल भारतीय इमाम संघ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने इस मुठभेड़ पर एक बेहद सनसनीखेज और विवादित बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस की इस कार्रवाई में धर्म देखकर फैसला किया गया। मौलाना रशीदी ने दावा किया कि नाबालिग के एनकाउंटर वाले दिन ही कई अन्य लोग भी मुठभेड़ में पकड़े गए थे, लेकिन मुस्लिम होने के कारण सिर्फ आरोपी को जान गंवानी पड़ी।
अखिल भारतीय इमाम संघ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा, 'जिस दिन नाबालिग को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, ठीक उसी दिन एक एनकाउंटर दिल्ली में भी हुआ था। इसके अलावा गाजियाबाद में चिराग नाम के एक लड़के के साथ और साहिबाबाद इलाके में भी पुलिस की मुठभेड़ हुई थी।'
उन्होंने सीधा आरोप लगाते हुए आगे कहा कि 'असद के साथ यह हुआ कि उसका एनकाउंटर कर दिया गया क्योंकि वह मुसलमान था, जबकि बाकी मामलों के आरोपी हिंदू थे तो उन्हें सिर्फ पकड़कर जेल भेज दिया गया। इस तरह की दोहरी मानसिकता और कार्रवाई पर सवाल उठना बिल्कुल लाजिमी है। योगी आदित्यनाथ जी पूरे उत्तर प्रदेश के मुखिया हैं और सूबे के मुखिया को इस तरह की पक्षपाती व्यवस्था नहीं चलानी चाहिए।'
इस दौरान मौलाना रशीदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने माता-पिता को बच्चों को सही संस्कार देने की बात कही थी। रशीदी ने कहा कि मुख्यमंत्री की कही गई बात का इरादा भले ही सकारात्मक हो, लेकिन कहावत है कि हर बार दवा कड़वी होती है। यही संदेश इस तरह भी दिया जा सकता था कि हिंदू और मुसलमान दोनों ही समुदाय के लोगों को अपने बच्चों में अच्छे संस्कार डालने चाहिए ताकि वे गलत कामों में न पड़ें या गुमराह न हों। हालांकि, राजनीतिक कारणों से जानबूझकर ऐसे बयान दिए जाते हैं जिससे बहुसंख्यक मतदाताओं को यह लगे कि मुसलमानों को डराया-धमकाया जा रहा है या उन पर सख्त कार्रवाई हो रही है।'
Updated on:
03 Jun 2026 04:00 pm
Published on:
02 Jun 2026 04:34 pm
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