
Ram Mandir Donation Controversy:अयोध्या राम मंदिर के बहाने दिल्ली की सियासत में एक बार फिर 'राम और हनुमान' की एंट्री हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी को लेकर अब सीधे जनता की अदालत में जाने का फैसला किया है। रविवार को रोहिणी के जापानी पार्क में 'आप' के सुंदरकांड पाठ के मंच से अरविंद केजरीवाल ने एक देशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। केजरीवाल ने एलान किया कि राम मंदिर के चंदे में चोरी करने वालों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए पार्टी पूरे देश में एक बड़ा हस्ताक्षर अभियान (सिग्नेचर कैंपेन) चलाने जा रही है।
इस मुहिम की शुरुआत करने से पहले अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर जनता से संवाद किया। उन्होंने लोगों को सुंदरकांड पाठ में आने का न्योता देते हुए लिखा कि राम मंदिर के नाम पर हुए इस घोटाले के खिलाफ वे संकटमोचन हनुमान जी की शरण में जा रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि हम बजरंगबली से प्रार्थना करेंगे कि प्रभु के चंदे में चोरी करने वाले पापियों को सख्त से सख्त सजा मिले। भगवान के आशीर्वाद के साथ ही हम इस आंदोलन को देश के कोने-कोने में ले जाएंगे और जनता का समर्थन जुटाएंगे। पार्टी का कहना है कि सुंदरकांड की पूर्णाहुति के तुरंत बाद इस हस्ताक्षर अभियान को जमीन पर उतार दिया जाएगा।
दूसरी तरफ, अरविंद केजरीवाल के इस 'सॉफ्ट हिंदुत्व' वाले दांव पर भारतीय जनता पार्टी ने भी मोर्चा संभाल लिया है। दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 'आप' के इस धार्मिक आयोजन और आंदोलन को विशुद्ध रूप से चुनावी हथकंडा करार दिया है। बीजेपी का आरोप है कि केजरीवाल को अचानक भगवान की याद इसलिए आई है, क्योंकि पंजाब समेत कई राज्यों में चुनाव नजदीक हैं और वे वोट बैंक खिसकने के डर से यह नौटंकी कर रहे हैं।
मल्होत्रा ने केजरीवाल को घेरते हुए उनकी नीयत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2024 में दिल्ली सरकार ने ही राजधानी की सभी 70 विधानसभा सीटों पर हर हफ्ते सरकारी खर्च पर सुंदरकांड पाठ कराने की बड़ी-बड़ी घोषणाएं की थीं। बीजेपी नेता ने पूछा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सरकार ने उस धार्मिक योजना को बीच में ही ठंडे बस्ते में डाल दिया? बीजेपी का सीधा आरोप है कि जब-जब चुनाव आते हैं, तब-तब आम आदमी पार्टी को धर्म और भगवान की याद सताने लगती है।
बहरहाल, राम मंदिर के चंदे को लेकर शुरू हुई यह सियासी जंग अब सिर्फ बयानों तक सीमित नहीं रहने वाली है। 'आप' जहां इसे देशव्यापी मुद्दा बनाकर बीजेपी को घेरने की तैयारी में है, वहीं बीजेपी भी इसे चुनावी स्टंट बताकर जनता के बीच बेनकाब करने का दावा कर रही है।