
Naresh Balyan Extortion Case:आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान को जबरन वसूली के एक मामले में दिल्ली की अदालत से बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें इस केस में बरी कर दिया है। यह मामला साल 2023 का है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उसे एक विदेशी नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू बताया और कथित तौर पर एक करोड़ रुपए की मांग की। आरोप था कि पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इसी दौरान नरेश बाल्यान और कपिल सांगवान के बीच बातचीत की बताई जा रही एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। पुलिस ने इस ऑडियो को जांच में अहम माना। इसके बाद 30 नवंबर 2024 को नरेश बाल्यान को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, जब मामला कोर्ट पहुंचा तो इसी ऑडियो को लेकर कई सवाल उठ गए।
अदालत ने कहा कि मामले में डिजिटल सबूतों को लेकर कई कमियां रह गईं। जिस मोबाइल फोन पर शिकायतकर्ता को कथित धमकी भरे फोन और मैसेज मिले थे, पुलिस ने उसे जब्त नहीं किया। सोशल मीडिया पर सामने आई ऑडियो रिकॉर्डिंग का असली स्रोत भी साफ नहीं हो पाया। पुलिस ने पेन ड्राइव में ऑडियो जरूर हासिल किए, लेकिन उनकी मूल रिकॉर्डिंग से ठीक तरह तुलना नहीं की जा सकी। कोर्ट ने माना कि ऐसे मामलों में रिकॉर्डिंग का स्रोत और उसे सुरक्षित रखने का पूरा रिकॉर्ड साफ होना जरूरी है।
बाल्यान के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि अगर विवादित ऑडियो रिकॉर्डिंग को हटा दिया जाए तो उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई मजबूत सबूत नहीं बचता। अदालत ने जांच में मिली कमियों और सबूतों को देखते हुए नरेश बाल्यान को इस मामले में बरी कर दिया। हालांकि, उनकी सभी कानूनी मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। उनके खिलाफ MCOCA से जुड़ा एक अलग मामला भी चल रहा है। इस फैसले का उस मामले पर सीधा असर नहीं पड़ेगा।