
Maharashtra politics: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सोमवार को NCP (शरद पवार) गुट के 8 सांसदों ने मुलाकात की। इस मुलाकात में महाराष्ट्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन बैठक से जुड़ी सबसे बड़ी बात महाराष्ट्र की चार महान विभूतियों को भारत रत्न देने की मांग है। एक न्यूज चैनल के 'Inside Track' कार्यक्रम में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इसके मुताबिक, मुलाकात के दौरान NCP (SP) सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने महाराष्ट्र की महान हस्तियों के लिए भारत रत्न की मांग रखी।
बताया गया है कि सांसदों ने महात्मा ज्योतिबा राव फुले, सावित्रीबाई फुले, संत तुकाराम महाराज और अण्णा भाऊ साठे को भारत रत्न देने की मांग उठाई। इन चारों नामों का महाराष्ट्र के सामाजिक, शैक्षणिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में खास स्थान है।
NCP (SP) के आठ सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे थे। इस मुलाकात का मुख्य मकसद महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों को केंद्र सरकार के सामने रखना था। पार्टी की ओर से पहले बताया गया था कि किसानों की आत्महत्या, पानी की समस्या और तेजी से बढ़ते शहरीकरण जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा की जाएगी।
लेकिन बैठक के दौरान भारत रत्न का मुद्दा भी सामने आया। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, सांसदों ने महाराष्ट्र की चार प्रमुख विभूतियों के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान की मांग रखी।
सांसदों की मांग में ज्योतिबा राव फुले और सावित्रीबाई फुले का नाम प्रमुखता से शामिल है। दोनों ने सामाजिक भेदभाव और महिलाओं की शिक्षा के लिए बड़ा काम किया था। सावित्रीबाई फुले को भारत में महिला शिक्षा की शुरुआती और सबसे महत्वपूर्ण आवाजों में गिना जाता है।
वहीं संत तुकाराम महाराज महाराष्ट्र की संत परंपरा के बड़े नाम हैं। उनके विचारों का महाराष्ट्र के सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। इसके अलावा अण्णा भाऊ साठे के लिए भी भारत रत्न देने की मांग की गई। वे लेखक, लोकशाहीर और सामाजिक चेतना से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व रहे हैं।
इस मुलाकात से पहले कांग्रेस ने NCP (SP) सांसदों से प्रधानमंत्री के सामने महिला आरक्षण कानून और परिसीमन का मुद्दा उठाने की अपील की थी। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा था कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू किया जाना चाहिए और इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
ऐसे में NCP (SP) सांसदों की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में महाराष्ट्र के मुद्दों के साथ चार महान विभूतियों के लिए भारत रत्न की मांग सामने आना अब राजनीतिक चर्चा का नया विषय बन गया है।