
NDA Parliamentary Party Meeting:संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को NDA की संसदीय दल की बैठक में राजनीतिक समीकरण की एक नई तस्वीर देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई 'मंगल मिलन' बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और NDA के कई बड़े नेता शामिल हुए। खास बात यह रही कि तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ आए सांसद भी बैठक में नजर आए।
बैठक संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग स्थित जीएमसी बालयोगी सभागार में हुई। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत NDA के कई नेता इसमें मौजूद रहे। NCPI के वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय भी बैठक में पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह पहली बार NDA संसदीय दल की बैठक में शामिल हो रहे हैं और पार्टी के सभी सांसद एकजुट हैं।
दरअसल, हाल ही में TMC के करीब 20 बागी सांसद NCPI के साथ चले गए हैं। इसके बाद NCPI ने NDA को समर्थन देने का ऐलान किया था। इस बदलाव के बाद यह गुट संसद में NDA के लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में सामने आया है। इससे पहले इन सांसदों की मौजूदगी को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल भी उठाए गए थे। हालांकि NCPI लगातार अपने रुख का बचाव करता रहा है।
बैठक में सिर्फ राजनीतिक मुद्दों पर ही चर्चा नहीं हुई। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने देश के साथ हुए हालिया मुक्त व्यापार समझौतों यानी FTA के असर और उनकी रणनीतिक अहमियत पर सांसदों से बात की। वहीं केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मछली पालन क्षेत्र में हो रहे काम, सरकार की योजनाओं और आगे की तैयारी के बारे में जानकारी दी।
बैठक के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी NDA सांसदों को संबोधित किया। बैठक ऐसे समय हुई है जब मानसून सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों पर टकराव चल रहा है। परीक्षा सुधार, छात्रों से जुड़े विरोध प्रदर्शन और अयोध्या के राम मंदिर चंदे से जुड़े मामले जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेर रहा है।
ऐसे माहौल में NDA की यह बैठक सरकार के लिए अपने सहयोगी दलों और सांसदों के बीच एकजुटता दिखाने का मौका भी रही। खास तौर पर NCPI के सांसदों की मौजूदगी ने इस बैठक को और चर्चा में ला दिया। पिछले कुछ समय में TMC से अलग हुए सांसदों का नया राजनीतिक ठिकाना बनने के बाद अब उनकी NDA के साथ सक्रिय भूमिका पर भी नजर बनी हुई है।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और NDA के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बीच NCPI सांसदों का शामिल होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में संसद के भीतर NDA का मौजूदा राजनीतिक समीकरण और महत्वपूर्ण हो सकता है।