
Jantar Mantar News: दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर सुर्खियों में है। जहां हर वक्त नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन चलता रहता है, वहां से अब हैरान करने वाली खबर है। इंसानी हक के लिए आवाज उठाने वाले ग्रुप 'सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस' (सीजेपी) ने दिल्ली पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। सीजेपी का कहना है कि उन्होंने जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे लोगों के लिए एक छोटी सी लाइब्रेरी लगा रखी थी। इस लाइब्रेरी की देखभाल करने वाले और वहां लोगों को छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास की किताबें बांटने वाले एक लड़के (वालंटियर) के साथ दिल्ली पुलिस के जवानों ने मारपीट की है।
जैसे ही यह बात बाहर आई, सोशल मीडिया से लेकर नेताओं के बीच हलचल पैदा हो गई है। लोग हैरान हैं कि जो लड़का चुपचाप महापुरुषों की किताबें बांट रहा था, आखिर पुलिस ने उसे क्यों निशाना बनाया?
पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर माहौल गर्म है। लद्दाख की मांगों को लेकर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। जनता का उन्हें पूरा सपोर्ट मिल रहा है और खुद सीजेपी की टीम भी इस आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। आंदोलन के बीच किताबों वाले लड़के के साथ हुई इस कथित झड़प ने माहौल को फिर से गर्मा दिया है।
पुलिस पर जैसे ही आरोप लगा, हर कोई यह जानने के लिए बेचैन हो गया कि आखिर वहां हुआ क्या था। लेकिन जब ग्राउंड पर इस बात की पड़ताल की गई, तो कहानी थोड़ी उलझी हुई नजर आई। सीजेपी ने पुलिस पर आरोप तो लगा दिए हैं, लेकिन अभी तक मारपीट की घटना की पुष्टि नहीं हो पाई है। हालांकि, जंतर-मंतर से जो तस्वीरें और वीडियो आ रहे हैं, उनसे यह तो साफ है कि वहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनातनी चल रही है।
जंतर-मंतर पर पुलिस और पब्लिक का आमने-सामने आना कोई नई बात नहीं है। वहां मौजूद दूसरे संगठनों का भी कहना है कि दिल्ली पुलिस जानबूझकर उनके शांतिपूर्ण धरने को खराब करने पर तुली है। दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने अभी तक इस पूरे मामले पर खुलकर कुछ नहीं बोला है। वैसे अमूमन पुलिस का यही कहना होता है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए थोड़ी सख्ती जरूरी होती है। अब शिवाजी महाराज की किताबें जब्त होने और लड़के के साथ बदसलूकी के इस दावे में कितना दम है, यह तो आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा। लेकिन इस घटना ने आंदोलन की गर्मी को और बढ़ा दिया है।