
NCP MPs PM Modi Meeting: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की वरिष्ठ नेता एवं सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में पार्टी के 8 सांसदों ने सोमवार को संसद भवन स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह बैठक करीब 15 मिनट चली। विपक्षी खेमे के सांसदों की इस मुलाकात को लेकर पहले से ही कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि सुप्रिया सुले ने सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि बैठक में सियासी मुद्दों पर चर्चा नहीं की गई। बल्कि महाराष्ट्र के लंबित विकास कार्यों, किसानों की समस्याओं और सांसदों के अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक की जानकारी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सांसद डॉ. अमोल कोल्हे ने दी। उन्होंने बताया कि सांसदों ने महाराष्ट्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखे।
बैठक की शुरुआत में पीएम मोदी ने सुप्रिया सुले से उनके पिता व वरिष्ठ नेता शरद पवार की तबीयत के बारे में जानकारी ली। इस दौरान प्रधानमंत्री ने शरद पवार के लंबे राजनीतिक सफर और उनकी कार्यशैली की भी सराहना की।
बैठक के दौरान शरद पवार गुट के सांसदों ने महाराष्ट्र से जुड़ी कई प्रमुख मांगें प्रधानमंत्री के सामने रखीं। सांसदों ने महान समाजसुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले, अन्नाभाऊ साठे और राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की।
सांसदों ने कहा कि महाराष्ट्र को महान समाज सुधारकों, संतों और विचारकों की समृद्ध परंपरा मिली है। ऐसे महान व्यक्तित्वों को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाना चाहिए।
बीड जिले में सूखे की स्थिति को देखते हुए सांसद बजरंग सोनवणे ने उजनी बांध का पानी मांजरा बांध में छोड़कर बीड को राहत देने की मांग की।
इसके अलावा गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ‘पीएम केयर्स फंड’ से मिलने वाली आर्थिक सहायता का कोटा सभी सांसदों के लिए बढ़ाने का मुद्दा भी प्रधानमंत्री के सामने रखा गया।
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नामकरण का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। सांसद सुरेश उर्फ बाल्या मामा म्हात्रे और सांसद अमोल कोल्हे ने प्रधानमंत्री से मांग की कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम दिवंगत नेता दि. बा. पाटील के नाम पर रखने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार जल्द अंतिम फैसला करे। राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है।
सांसदों ने महाराष्ट्र में लंबित और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने की मांग भी की। इनमें नासिक-पुणे हाईस्पीड रेल परियोजना, पुणे-नासिक मेट्रो, छत्रपति संभाजीनगर में पीएम गतिशक्ति योजना, जेएनपीटी बंदरगाह और कल्याण-मुरबाड रेलवे लाइन से जुड़े मुद्दे शामिल रहे। एनसीपी सांसदों ने प्रधानमंत्री का ध्यान इन परियोजनाओं की ओर दिलाते हुए इनके काम में तेजी लाने की मांग की।
बैठक में स्वास्थ्य और किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सांसद निलेश लंके ने महाराष्ट्र में बढ़ती कैंसर की समस्या को देखते हुए उपचार सुविधाओं के विस्तार की जरूरत बताई। इसके अलावा चंद्रभागा नदी के प्रदूषण और प्याज की कीमतों जैसे मुद्दे भी प्रधानमंत्री के सामने रखे गए।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया कि बैठक में किसी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि संसद का कामकाज सुचारू रूप से नहीं चल रहा है, ऐसे में जनता और अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े लंबित मुद्दों को सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखना जरूरी था। इसी उद्देश्य से सांसदों ने पीएम मोदी से मुलाकात की और महाराष्ट्र से जुड़े विकास एवं जनहित के मुद्दों पर चर्चा की।
इस मुलाकात से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी शरद पवार गुट के सांसदों की प्रधानमंत्री मोदी से होने वाली मुलाकात को सकारात्मक बताया था। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री पूरे देश के होते हैं, किसी एक राजनीतिक दल के नहीं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के कई नेता उनसे भी मुलाकात करते हैं और अपने क्षेत्र के काम उनके सामने रखते हैं। इसलिए पीएम मोदी से विपक्षी सांसदों की मुलाकात को किसी अलग नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है।