
West Bengal Voter List News: पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का मुद्दा अब चर्चा में है। इसी सिलसिले में बहरामपुर से लोकसभा सांसद यूसुफ पठान ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात कर इस मामले पर अपनी चिंता जताई। बैठक में उन्होंने उन लोगों की परेशानी का मुद्दा उठाया, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हट गए हैं और जिनके मामले अब ट्रिब्यूनल तक पहुंच चुके हैं।
यूसुफ पठान ने कहा कि ऐसे लोगों को अपने मामले की सुनवाई के लिए काफी दूर जाना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दूसरे जरूरतमंद लोगों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है। उन्होंने मांग की कि इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाया जाए, ताकि लोगों को अपने अधिकार के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।
पठान के मुताबिक, उन्होंने बैठक में जिला स्तर पर ट्रिब्यूनल कोर्ट बनाने की मांग रखी। इससे लोगों को अपने ही जिले में वोटर लिस्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई का मौका मिल सकेगा। उनका कहना है कि इससे लोगों का समय और आने-जाने का खर्च दोनों बचेंगे।
बैठक के बाद यूसुफ पठान ने बताया कि वोटर लिस्ट से करीब 27 लाख से 32 लाख नाम हटाए जाने या जांच के दायरे में आने का मुद्दा सामने आया है। इनमें ऐसे लोग भी हैं, जिनके मामले ट्रिब्यूनल कोर्ट में पहुंच चुके हैं।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मामलों को देखते हुए मौजूदा व्यवस्था को लोगों के लिए ज्यादा आसान बनाने की जरूरत है। उनका जोर इस बात पर है कि किसी आम नागरिक को सिर्फ प्रक्रिया मुश्किल होने की वजह से परेशानी न उठानी पड़े।
बैठक के बाद यूसुफ पठान ने इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को एक पत्र भी लिखा। इसमें उन्होंने हर जिले में स्पेशल ट्रिब्यूनल कोर्ट बनाने की मांग रखी है।
पत्र में पठान ने सिर्फ ट्रिब्यूनल बनाने की बात नहीं कही, बल्कि वोटर लिस्ट की जांच और सुनवाई की प्रक्रिया को भी सरल और समयबद्ध करने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि पूरी प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसे आम लोग आसानी से समझ सकें और पूरा कर सकें।
यूसुफ पठान ने अपनी चिट्ठी में हर जिला ट्रिब्यूनल के साथ हेल्प डेस्क शुरू करने की मांग भी की है। यहां लोगों को जरूरी दस्तावेज, आवेदन और आगे की प्रक्रिया को लेकर मदद मिल सकेगी।
पठान ने कहा कि उनकी कोशिश है कि वोटर लिस्ट से जुड़े मामलों में किसी भी नागरिक को बेवजह परेशानी न हो। अब देखना होगा कि उनकी इन मांगों पर सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है।